जबलपुर। संजीवनी नगर में कृष्णा परिसर के सामने निवासरत 32 वर्षीय शक्ति जैन पति विशाल जैन ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दी। आवेदन पत्र के मुताबिक अवनी विहार शास्त्री नगर की रहने वाली 40 वर्षीय दीपशिखा गुप्ता पति जितेश गुप्ता से पीड़िता का संपर्क मुजावर मोहल्ला निवासी दीक्षा श्रीवास्तव के माध्यम से वर्ष 2024 में हुआ था। मेलजोल बढ़ाकर आरोपित ने खुद को पारिवारिक सदस्य जैसा बना लिया। इसके उपरांत दिसंबर 2025 में पति पर आईपीएल से जुड़ा कानूनी प्रकरण दर्ज होने का झांसा दिया। स्वयं के कारागार जाने का झूठा भय दिखाकर 3 माह में वापसी की शर्त रखी। मुसीबत में फंसी जानकर पीड़िता ने अपने सोने-चांदी के तमाम जेवरात तथा 5000 रुपये नकद सौंप दिए।
मुसीबत का ढोंग रचकर हथियाई पूरी जमापूंजी
आरोपित दीपशिखा गुप्ता ने परिजनों के कई दिनों से भूखे-प्यासे होने की मनगढ़ंत कहानी सुनाई। भावुक होकर शक्ति जैन ने अपने वैवाहिक उपहारों में मिला संपूर्ण स्त्रीधन बिना परिजनों को सूचित किए दे दिया। इन वस्तुओं में 2 रानी हार, 1 छोटा हार, 2 जोड़ी सोने के झुमके, 2 सोने की अंगूठी, 1 जोधा नथ, 2 सोने के सिक्के, 3 मंगलसूत्र पेंडल, 2 सेट चांदी की पायल, 1 टुकड़ी फाइन तथा अबोध बच्चे के गले का सोने का हाय चंद्रमा शामिल था। तय समय बीत जाने के उपरांत पीड़िता ने जब अपना सामान और नकदी वापस मांगी, तो सामने वाली महिला लगातार आनाकानी करती रही। उसने अपनी पुत्री की बीमारी का झूठा बहाना बनाकर लगातार कई महीनों तक वक्त निकाला और वास्तविक जेवर लौटाने से बचती रही।
सामान गिरवी रखकर दी झूठे मुकदमे की धमकी
पीड़िता के बच्चे का जन्मदिन 27.07.2026 को था। उस दिन शरीर पर कोई आभूषण न दिखने से ससुराल पक्ष में भारी कलह हुई और अलमारी का ताला टूटने पर सारा भेद खुल गया। इसके दो दिन पूर्व 25.07.2026 को फोन पर हुई बातचीत में आरोपित ने गहने अपनी सहेली अनुभा झारिया (मोबाइल नंबर 8305227086) और स्वाति के पास बंधक रखे होने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद जब सख्ती से वापसी की मांग की गई, तो आरोपित ने आत्महत्या करने, झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने और पूरे परिवार को मौत के घाट उतारने की चेतावनी दी। पहले 01.08.2026 को थाने में शिकायत करने पर क्षेत्राधिकार के नाम पर 20 दिन तक भटकाया गया। आखिरकार 25.08.2026 को पुनः भेजे जाने के बाद पीड़िता ने 03.09.2026 को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जानमाल की रक्षा की गुहार लगाई।
