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रेल यात्रियों को लंबी कतार से बड़ी राहत : स्वयं डिजिटल माध्यम से ले सकते हैं अनारक्षित टिकट

जबलपुर। यात्रियों की सुविधा एवं डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर मंडल द्वारा मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) स्थापित की गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से यात्री बिना किसी काउंटर पर गए, स्वयं अपनी टिकट का भुगतान डिजिटल माध्यम से कर आसानी से अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री शशांक गुप्ता के नेतृत्व में वाणिज्य विभाग द्वारा जबलपुर मंडल के जबलपुर, मदन महल, कटनी, नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, सतना, मैहर, रीवा, दमोह, सागर सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

वर्तमान में मंडल के 31 प्रमुख स्टेशनों पर कुल 121 एटीवीएम मशीनें स्थापित हैं। इन मशीनों पर यात्री स्वयं मोबाइल पेमेंट, यूपीआई, क्यूआर कोड आदि डिजिटल माध्यमों से टिकट का भुगतान कर सकते हैं। इससे यात्रियों को टिकट खिड़की पर लंबी कतारों में लगने की परेशानी से राहत मिलेगी, साथ ही चिल्लर की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी।

एटीवीएम मशीनों का उपयोग करने के लिए यात्रियों को केवल  गंतव्य स्टेशन का चयन, टिकट के प्रकार का विवरण कर डिजिटल भुगतान करना होता है, जिसके पश्चात टिकट तुरंत मशीन से प्राप्त हो जाती है। इन मशीनों पर एक फैसिलिटेटर भी तैनात रहता है जो जरूरत पडऩे पर यात्रियों की सहायता करता है, किन्तु यात्री स्वयं भी इन मशीनों का पूर्ण उपयोग कर सकते हैं।

रेलवे द्वारा यात्रियों को इन मशीनों के उपयोग हेतु लगातार जागरूक किया जा रहा है। स्टेशनों पर सूचनात्मक पोस्टर, डिस्प्ले बोर्ड एवं घोषणाओं के माध्यम से यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। यात्रियों द्वारा इस सुविधा की सराहना की जा रही है तथा एटीवीएम के माध्यम से टिकट लेने वालों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री शशांक गुप्ता ने बताया कि रेलवे की यह पहल यात्रियों को स्मार्ट टिकटिंग सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने मंडल के सभी यात्रियों से अपील की है कि वे एटीवीएम मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग करें और डिजिटल भारत के इस अभियान में अपना सहयोग दें।

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