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नगर निगम के ठेकेदार, माता गुजरी कालेज की प्रोफेसर के साथ साइबर ठगी, एकाउंट से निकल गए रुपए,

जबलपुर। जबलपुर में एक बार फिर साइबर ठगों ने कई लोगों को अपना निशाना बनाया है। यहां पर नगर निगम के ठेकेदार वीरेन्द्र बावरिया व माता गुजरी कालेज की प्रोफे सर दीप्ति दीक्षित के साथ साइबर ठगी हुई है। इसके अलावा अन्य लोगों को भी साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया है। 

                            पुलिस के अनुसार राजीव गांधी नगर निवासी वीरेन्द्र बावरिया नगर निगम जबलपुर में ठेकेदारी करते हैं। वीरेन्द्र ने 9 अगस्त को काम पर निकलने से पहले भैंसासुर रोड की एक दुकान पर क्यूआर कोड से 150 रुपए का यूपीआई पेमेंट किया था। इसके बाद वे तीन पत्ती चौक स्थित नगर निगम कार्यालय पहुंचे। दोपहर करीब डेढ़ बजे उनका ओप्पो एंड्रॉयड मोबाइल अचानक ऑटो-अपडेट होने लगा। अपडेट के दौरान फोन बंद हो गया और दोबारा चालू नहीं हुआ। फोन ठीक कराने के लिए वीरेन्द्र आईटीआई माढ़ोताल स्थित कटंगी रोड की एक मोबाइल दुकान पर गए। दुकानदार ने फोन चालू कर बताया कि बैटरी पूरी तरह डिस्चार्ज थी और पुरानी बैटरी ठीक से काम नहीं कर रही थी। इसके बाद वीरेन्द्र ने वहीं से 14 हजार रुपए में नया मोबाइल लेने का फैसला किया। फोन पे से भुगतान करने की कोशिश की तो 'बैलेंस कम हैÓ का मैसेज आया। खाते में सिर्फ 36 पैसे बचे थे। घबराकर वीरेन्द्र ने पास के एसबीआई एटीएम से मिनी स्टेटमेंट निकाला। इसमें पता चला कि उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सदर शाखा के खाते से यूपीआई के जरिए तीन बार 88,542 रुपए निकाल लिए गए। 

महिला प्रोफसेर से एकाउंट से निकल गए 80 हजार रुपए-

मल्होत्रा कम्पाउंड सदर में रहने वाली महिला दीप्ति दीक्षित उम्र 49 वर्ष माता गुजरी कालेज मढ़ाताल सिविक सेन्टर में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ है। वे अपनी पति धीरज के साथ फैमली ट्रिप में जगन्नाथ पुरी उड़ीसा गई थी। वे पुरी से कटनी ट्रेन से आई, इसके बाद वे  बस में बैठकर कटनी से जबलपुर सुबह लगभग 07 बजे घर सदर आए। इस बीच सफर के दौरान उसका स्वास्थ खराब होने के कारण अपना मोबाइल बिलकुल नही देख पायी। दो-तीन दिन बाद मोबाइल फोन देखा तो 4 अगस्त से 8 अगस्त के बीच उनके खाते से 79783 रुपए निकाल लिए गए। जिसकी शिकायत पहले उन्होने यूनियन बैंक शाखा मढ़ाताल सिविक सेन्टर में की। 

प्राफिट पाने के चक्क र में युवती ने गवाएं 1.77 लाख रुपए-

न्यू कंचनपुर अधारताल में रहने वाली मिताली यादव उम्र 27 वर्ष का एसबीआई बैंक सब्जी मंडी अधारताल में है। वे टेलीग्राम के माध्यम से एक ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़ी रही। जिसमें पैसे इनवेस्ट करने पर प्राफिट मिलता है। शुरुआत में मिताली को इन्वेस्ट करने पर फायदा हुआ। इसके बाद गु्रप पर विश्वास करके 1 लाख 77 हजार 700 रूपये अलग अलग अकाउण्ट में यूपीआई के माध्यम से क्यूआर कोड में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद न प्राफिट मिला न रुपए। 

युवक का मोबाइल फोन हैक कर उड़ाए रुपए-

हनुमंत नगर अमखेरा निवासी निजामुद्दीन अंसारी बेल्डिंग का काम करता है उसका बचत खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अधारताल शाखा में है। उसके दोस्त अजहर निवासी मदार छल्ला ने उससे काफी समय पहले 5 हजार रूपये उधार लिये थे जो फोन पर भेजे थे, उसने पैसे चैक किया और अपना काम करने लगा। इसके बाद शाम को सात बजे से मोबाइल फोन पर ओटीपी आने लगे, ओटीपी चैक करने पर उसका मोबाइल हैक हो गया। रात लगभग 2 बजे उसका मोबाइल चालू हुआ पता चला कि  उसके बैंक खाते से किसी अज्ञात व्यक्ति 26 हजार 621 रूपये मोबाइल  हैक करके ट्रांसफर कर लिये हैं। 

युवती को ड्रेस आर्डर करना महंगा पड़ा-

समदडिय़ा कालोनी मानेगांव रांझी में रहने वाली खुशी यादव उम्र 24 वर्ष ने  इंस्टाग्राम पर सस्ता बाजार नाम की आईडी पर कपड़ों के विज्ञापन का एड देखा था उक्त विज्ञापन को देखकर उसने दिये गये माध्यम से व्हाटसएप नम्बर पर सम्पर्क कर  व्हाटसएप के माध्यम से 349 रूपये में ड्रेस आर्डर कर दी। कुछ दिन बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने अपने आपको डिलेवरी ब्वाय बताकर उसके मोबाइल पर कॉल किया। उसने प्रोसेसिंग फीस व रिफंड के नाम पर क्यूआर आर भेजकर अलग अलग तरीके से भुगतान कराकर 55 हजार 545 रूपये हड़प लिए। 


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