पूर्व प्रशासनिक अनुभवों का मिलेगा लाभ
सैनी के पास स्टेट बार कौंसिल के प्रशासनिक ढांचे का लंबा अनुभव मौजूद है। पिछले 5 साल तक उन्होंने संगठन के दो महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी बखूबी संभाली। वाइस चेयरमैन के दायित्व के साथ-साथ अनुशासन समिति के प्रमुख के रूप में उन्होंने संस्थागत मर्यादा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी। उनके इसी पिछले रिकॉर्ड को ध्यान में रखकर इस बार मतदाताओं ने उन पर दोबारा मजबूत भरोसा जताया। जबलपुर जिला बार से मिले प्रचंड मतों ने उनकी बढ़त को निर्णायक मोड़ दिया, जिससे वे तय सीमा से आगे निकल गए।
वकीलों की भलाई को होगी प्राथमिकता:सैनी
अपनी जीत पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सैनी ने भविष्य की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनका प्रमुख मकसद वकीलों की पुरानी लंबित समस्याओं का स्थायी निवारण करना है। अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा, आकस्मिक सहायता और पेशेवर सुविधाओं के लिए नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। जूनियर और सीनियर सभी वर्गों की सहूलियत को ध्यान में रखकर ठोस नीतियां जमीन पर उतारी जाएंगी, ताकि किसी भी वकील को पेशेवर अथवा निजी स्तर पर बेवजह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
