जबलपुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज शुक्रवार को संस्कारधानी जबलपुर में बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी एकदिवसीय हड़ताल पर उतर आए। शहीद स्मारक गोल बाजार में सुबह 10 बजे जुटे सैकड़ों बैंककर्मियों ने जोरदार नारेबाजी कर केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ मोर्चा खोला। संगठन के स्थानीय संयोजक अभिषेक कुमार सिन्हा और उप महासचिव प्रशांत खरे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तुरंत प्रभाव से लागू करने और भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव नीति को वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान चंदन कुमार, दीपशिखा पटेल, एच.पी. पटेल, प्रमोद बोरकर, विकास श्रीवास्तव, पंकज कुमार, आशीष खरे, तनिष्क सिंह, आकाश डिंगोनिया, सुशील गुप्ता, दिनेश वर्कड़े, सचिन पटेल, मोहित रिंगे, राकेश गुप्ता और प्रकाश रहंगडाले सहित कई बैंककर्मी उपस्थित रहे।
मांगें अनसुनी रहने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
गोल बाजार में सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने साफ किया कि बैंककर्मी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली बुनियादी रीढ़ हैं, लेकिन उनके सेवा हितों और लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि वित्तीय प्रबंधन ने इन जायज मुद्दों का अविलंब और सकारात्मक समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को देश स्तर पर तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 28, 29 एवं 30 सितंबर 2026 को तीन दिनों की देशव्यापी तालाबंदी का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी जारी रहने पर 26 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग व्यवस्था को पूरी तरह ठप करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
एकजुटता के साथ चरणबद्ध आंदोलन तेज करने का संकल्प
प्रदर्शन के समापन पर स्टेट बैंक अधिकारी संघ और एसबीआई अवॉर्ड स्टाफ एम्प्लॉइज़ यूनियन सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कामकाज के घंटों में सुधार और इंसेंटिव के नाम पर कर्मचारियों के बीच भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे दिन चले इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के चलते नगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में सामान्य बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। फोरम की जिला इकाई ने इस एकदिवसीय आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी साथी कर्मचारियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के बड़े आंदोलन के लिए लामबंद रहने का आह्वान किया।

