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खजरी खिरिया में बिजली अमले का खुला तांडव, बर्बादी की कगार पर व्यापार,सीएम को सुनाएंगे दुःखड़ा



जबलपुर। शहर के औद्योगिक व व्यावसायिक क्षेत्र खजरी खिरिया में लगातार अघोषित बिजली कटौती ने विकराल रूप ले लिया है। प्रतिदिन 10 से 15 बार बिजली गुल होने से पूरा कारोबारी जगत त्रस्त हो चुका है। क्षेत्र के व्यापारी वर्ग का स्पष्ट आरोप है कि सहायक यंत्री सन्तोष कुटे और लाइनमैन मोहन ठाकुर के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उनकी इस गंभीर समस्या की पूरी तरह अनदेखी कर रहे हैं। जिम्मेदार अफसरों की इस घोर लापरवाही, मनमानी और जानकारी होने के बावजूद अनजान बनने की कार्यप्रणाली के कारण अब स्थानीय व्यापारी सीधे मुख्यमंत्री तक इस पूरे मामले की शिकायत पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।

​बार-बार बिजली जाने से उत्पादन कार्य ठप

​कारखानों और दुकानों में विद्युत आपूर्ति अचानक बंद हो जाने से दैनिक काम पूरी तरह रुक जाता है। मशीनें अचानक बंद होने से कच्चा माल खराब हो रहा है। बिजली के अभाव में दैनिक वेतनभोगी मजदूर दिनभर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। काम न होने के बावजूद संचालकों को उनकी पूरी दैनिक मजदूरी देनी पड़ रही है। उत्पादन शून्य होने और लगातार समय व्यर्थ जाने से पूरे खजरी खिरिया क्षेत्र में भारी आर्थिक नुकसान का माहौल बन चुका है। कई छोटे व्यवसायियों के लिए रोजाना का खर्च निकालना भी मुश्किल साबित हो रहा है।

​डीजल की भारी खपत से लागत कई गुना बढ़ी

​विद्युत आपूर्ति न मिलने की दशा में आपातकालीन व्यवस्था के तहत जनरेटर चलाने पड़ रहे हैं। बाजार से महंगा ईंधन खरीदकर लगातार विद्युत बैकअप देना कारोबारियों के वित्तीय बजट को बिगाड़ रहा है। हर महीने लाखों रुपए का नियमित बिल बिजली कंपनी के खाते में जमा करने के बावजूद उद्यमियों को अपनी जेब से अतिरिक्त ईंधन पर भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। आमदनी घटने और लगातार खर्च बढ़ने से कई फर्मों की वित्तीय स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। लंबे समय से बने इस गंभीर आर्थिक संकट से परेशान होकर कुछ उद्यमियों ने तो अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद करने का मन बना लिया है।

​बिल वसूली में फुर्ती पर व्यवस्था में लापरवाही

​विद्युत अमले का दोहरा रवैया अब खुलकर सामने आ रहा है। एक महीने का देयक बकाया रह जाने पर तकनीकी अमला तुरंत कनेक्शन काटने और दबाव बनाने पहुंच जाता है, लेकिन निर्बाध आपूर्ति देने के लिए कोई तय नियमावली या ठोस नीति लागू नहीं की जा रही है। जब भी स्थानीय लोग फॉल्ट या मेंटेनेंस के संबंध में पूछताछ करते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी साफ तौर पर अपनी अनभिज्ञता जताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसी अड़ियल रुख और लगातार हो रही आर्थिक बर्बादी के खिलाफ अब खजरी खिरिया के तमाम पीड़ित कारोबारी एकजुट होकर प्रदेश सरकार के मुखिया के समक्ष इस तंत्र की पोल खोलने का मन बना चुके हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

यह अत्यंत खेद जनक है कि व्यापारियों को पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं मिल रही है। यदि अमला जानबूझकर बिजली काट रहा है या बिजली गोल कर रहा है तो सही नहीं है। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

एसके गिरिया, चीफ इंजीनियर ज्बलपुर



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