khabar abhi tak

जबलपुर : बहन को भगाने वाले युवक के भाई की हत्या, श्मशान के पास बुलाया, साथियों संग चाकू मारे

जबलपुर. जिला के सिहोरा में शनिवार की देर रात करीब 9:30 बजे 3 लोगों ने एक युवक की हत्या कर दी। आरोपियों ने बहन को भगाकर ले जाने वाले युवक के छोटे भाई को श्मशान घाट के पास बुलाकर चाकू से 3-4 वार किए। युवक ने मौके पर दम तोड़ दिया। वारदात नुंजा कॉलोनी के श्मशान घाट की है।

मझगवां पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान नुंजा कॉलोनी निवासी गणेश वंशकार (21) के रूप में की गई है। मृतक के बड़े भाई गोलू वंशकार ने साहिल चौधरी और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि- मेरे भाई को बुलाकर मार डाला।

पहले से मौजूद थे 2-3 साथी

मृतक के बड़े भाई गोलू वंशकार के मुताबिक, साहिल चौधरी ने गणेश को बातचीत के लिए श्मशानघाट के पास बुलाया था। गणेश वहां पहुंचा तो साहिल के 2-3 साथी पहले से मौजूद थे। बातचीत के दौरान साहिल ने गणेश को गालियां दीं। गोलू के मुताबिक, गणेश ने गाली देने का विरोध किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया। साहिल के साथियों ने गणेश को पकड़ लिया। इसी दौरान साहिल ने चाकू निकालकर गणेश की पीठ और जांघ पर 3-4 वार कर दिए। चाकू से हमले में गणेश के शरीर पर करीब 1 से 2 इंच तक गहरे घाव हो गए। पीठ और जांघ में चाकू लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ज्यादा खून बहने से घटनास्थल पर खून फैल गया। हमले के बाद साहिल और उसके साथी मौके से भाग गए। गणेश गंभीर हालत में वहीं पड़ा रहा। चाकू के वार से हुए गहरे घाव और अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

श्मशान घाट के पास भाई को पड़ा देखा

मृतक गणेश का मंझला भाई गोलू वंशकार घर से श्मशान घाट की ओर जा रहा था। उसने देखा कि श्मशान घाट के पास कोई व्यक्ति पड़ा है। पास जाकर देखा तो गणेश रक्तरंजित हालत में पड़ा था। गोलू ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल मझगवां थाना पुलिस को सूचना दी।

एक साल पुराने विवाद से जुड़ी हो सकती है हत्या

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गणेश के बड़े भाई जितेंद्र करीब एक साल पहले चौधरी समाज की एक लड़की को भगाकर ले गया था। वह लड़की साहिल चौधरी की बहन थी। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले से विवाद चल रहा था।


Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak