जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डीपी पाठक एवं संगठन मंत्री दिनेश दुबे ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर के केंद्रीय प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षणरत कार्यालय सहायक श्रेणी -3 के कर्मचारियों से संवाद किया। श्री पाठक ने बताया कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्णय के बाद भी शासन स्तर से आदेश जारी नहीं होने से अनुकंपा पर संविदा से नियमित हुए हजारों कर्मियों को 70 प्रतिशत, 80 प्रतिशत और 90 प्रतिशत वेतन देकर समान कार्य समान वेतन के अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संवेदनशील रुख के विपरीत कुछ अधिकारियों की मनमानी से कर्मियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, प्रमुख सचिव ऊर्जा, ऊर्जा सचिव, सीएमडी और सभी एमडी से नियुक्ति दिनांक से पूरा वेतन तथा बकाया एरियर भुगतान की मांग की।
उच्च न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित हो
बैठक के दौरान कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक परेशानियों और सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रथम नियुक्ति के पहले माह से ही पूरा पारिश्रमिक मिलना हर कार्मिक का कानूनी अधिकार है। लंबे समय से लंबित इस विसंगति के कारण निचले स्तर के कर्मचारियों में भारी असंतोष पनप रहा है। प्रशासनिक स्तर पर फाइलें अटकी रहने से न्याय मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है।
ग्रेड पे सुधारकर संपूर्ण एरियर राशि जारी करें
प्रतिनिधिमंडल में यू के पाठक, अनूप वर्मा, उमाशंकर दुबे, सीताराम कुरचानिया, श्याम मोहन वर्मा, केदारनाथ अग्निहोत्री, राजेश मिश्रा, दीपक मेमने, सुधीर मिश्रा, मोहन श्रीवास, अविनाश तिवारी, योगेश पटेल, मोहित पटेल, अक्षय श्रीवास्तव, मनोज पाठक, विजय तिवारी किसलय, दिलीप पाठक और दयाशंकर द्विवेदी शामिल रहे। सभी ने संयुक्त स्वर में कार्यालय सहायक श्रेणी -3 की पदोन्नति, पे-मैट्रिक्स सुधार और पद अनुरूप मानदेय निर्धारण की मांग उठाई। पदाधिकारियों ने प्रबंधन से आग्रह किया कि कटौती की गई राशि एकमुश्त वापस कर संवर्ग को न्याय दिया जाए।
