जबलपुर। मध्य प्रदेश में शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन मामलों में लेटलतीफी करने वाले बाबुओं व अफसरों पर सीधी कार्रवाई होगी। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह व प्रदेश प्रवक्ता अनिल भार्गव के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से राज्य केंद्रीकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल यानी एससीपीपीसी ऑनलाइन प्रकरणों का निपटारा कर रही है। वित्त विभाग ने नवीन पेंशन मामले 5 कार्य दिवस, पुनरीक्षित पेंशन 4 कार्य दिवस और वेतन निर्धारण 5 कार्य दिवस में करने का फरमान दिया है। संघ पदाधिकारियों ने काम दबाने वालों की सीधी शिकायत हेतु फोन नंबर जारी करने की वकालत की है। व्यवस्था अनुसार पुनरीक्षित पेंशन में क्रिएटर को 4, वेरिफायर को 3, एप्रूवर को 3 कुल 10 दिन तथा वेतन निर्धारण हेतु क्रिएटर 5, वेरिफायर 3, एप्रूवर 3 कुल 13 दिन दिए गए हैं।
लेट लतीफी करने वाले कर्मियों की शिकायत दर्ज होगी
कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट किया है कि आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों की मंजूरी तय मियाद में सुनिश्चित करनी होगी। कई दफ्तरों में ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद टेबल दर टेबल फाइलें जानबूझकर रोकी जाती हैं, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को अपने ही हक के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। नई व्यवस्था के तहत संबंधित स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अटल उपाध्याय, देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, नरेश शुक्ला, योगेन्द्र मिश्रा, शहजाद सिंह द्विवेदी, राजू मस्के, बृजेश मिश्रा, पंकज दुबे, रजनीश पांडेय, परशुराम तिवारी, अर्जुन सोमवंशी, सुशील गुप्ता, राजा राम डहरिया, शैलेश गौतम, इन्द्र प्रताप यादव, रोशन पटेल, छविकांत कोरी, रामदास वरकड़े, अजय दुबे, सतीश उपाध्याय एवं विनय नामदेव ने जिले के अनेक विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा समय पर प्रकरण ऑनलाइन जमा न करने की कड़ी निंदा की है। सभी नेताओं ने शासन से मांग की है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ही सभी पेंशन प्रकरण उच्च स्तर पर प्रेषित किए जाएं ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।

