जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े पर जनचेतना लाने के लिए नेत्र विभाग ने विविध गतिविधियां कीं। इस अवसर पर डीन प्रो. डॉ. नवनीत सक्सेना के मुख्य मार्गदर्शन, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा और उप अधीक्षक व आईएमए अध्यक्ष डॉ. रिचा शर्मा के प्रशासनिक सहयोग से जागरूकता रैली व शैक्षणिक संगोष्ठी हुई। विभागाध्यक्ष डॉ. पदमिनी वरखेड़े के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में डॉ. यू.पी. दीपांकर, डॉ. बाहुबली जैन, डॉ. ज्योति कनोजे, डॉ. पूजा सिंह, डॉ. अर्चना सिंह सहित रेजिडेंट डॉक्टरों, पैरामेडिकल विद्यार्थियों और नर्सिंग स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी निभाई। साथ ही डॉ. के.के. पांडे, डॉ. नटवर अग्रवाल, डॉ. राजेश जैन, डॉ. अनिरुद्ध शुक्ला, डॉ. जयदेव सिंह, डॉ. प्रतिभा शर्मा, डॉ. योगिता राज दुबे और डॉ. संतोष वरकडे उपस्थित रहे।
रैली और संगोष्ठी से दूर की भ्रांतियां
परिसर से निकाली गई जनजागरूकता रैली के जरिए आमजन को कॉर्नियल दृष्टिहीनता समाप्त करने के सामाजिक दायित्व का बोध कराया गया। इसके उपरांत आयोजित विचार गोष्ठी में उपस्थित विषय विशेषज्ञों ने मरणोपरांत कार्निया प्रत्यारोपण की वैज्ञानिक प्रक्रिया, समय सीमा और इसके चिकित्सकीय पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। परिचर्चा का मूल केंद्र बिंदु समाज में इस महादान को लेकर व्याप्त गैर-वैज्ञानिक धारणाओं, संकोच और संशयों का तर्कसंगत समाधान करना रहा, जिससे जनसामान्य बिना किसी हिचक के मरणोपरांत दृष्टि दान का संकल्प पत्र भरने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो सके।
रचनात्मक स्पर्धाओं के विजेताओं को मिले पुरस्कार
युवा पीढ़ी को इस मानवीय अभियान से जोड़ने के मकसद से मेडिकल छात्र-छात्राओं के बीच पोस्टर निर्माण, प्रेरक स्लोगन लेखन तथा बौद्धिक क्विज मुकाबले कराए गए। छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक कल्पनाशीलता और मौलिक विचारों के माध्यम से दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी भरने का सशक्त संदेश प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के पश्चात श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सभी प्रतिभागियों को मंच से प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजन प्रमुख ने संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र और सहयोगी चिकित्सकों का कृतज्ञतापूर्वक धन्यवाद ज्ञापित किया।


