जबलपुर। दमोह जिले के 132 केवी एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशन तेजगढ़ में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत एमपी ट्रांसको जबलपुर के अति उच्च दाब निर्माण मुख्य अभियंता के.एम. सिंघल ने व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान परीक्षण संभाग-1 जबलपुर के कार्यपालन अभियंता दीपक कुमार, अति उच्च दाब निर्माण जबलपुर के कार्यपालन अभियंता शशि शेखर, सहायक अभियंता शरद भाजीपाले, प्रशिक्षु जूनियर इंजीनियर राजेंद्र मिनौद और राहुल शिंदे उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में आरडीएसएस योजना से तैयार हो रहे हर्रई तथा झालोन के दो 33 केवी फीडरों के निर्माण और सबस्टेशन की तकनीकी गतिविधियों का बिंदुवार जायजा लिया गया।
विकास कार्यों को मिली नई गति और दिशा
विद्युत अधोसंरचना को मजबूती देने के उद्देश्य से चल रही निर्माण प्रक्रियाओं की गुणवत्ता को कार्यस्थल पर परखा गया। ट्रांसमिशन तंत्र को आधुनिक मानकों पर ढालने के लिए ग्राउंड लेवल पर चल रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति जांची गई। अधिकारियों ने परिसर में उपकरणों की कार्यप्रणाली, विद्युत प्रवाह की क्षमता और तकनीकी तालमेल की समीक्षा की। परियोजना के तहत तैयार किए जा रहे नए आधारभूत ढांचे से ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। ट्रांसमिशन लाइन के विस्तार से ग्रिड पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार संतुलित होगा, जिससे संयंत्र की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होगी।
समय-सीमा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर
परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करके चार्ज करने की कार्ययोजना तय की गई है। कार्यस्थल पर लगे तकनीकी कर्मियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन करते हुए लाइन बिछाने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों नए रूट चालू होते ही घरेलू उपभोक्ताओं, कृषि पंपों और स्थानीय छोटे उद्योगों को बिना रुकावट निरंतर बिजली मिलने लगेगी। ट्रांसमिशन कंपनी का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर तक स्थिर वोल्टेज पहुंचाना है। निर्माण सामग्री की जांच और टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन दोनों लाइनों को सीधे मुख्य ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा, जिससे पूरे अंचल की विद्युत वितरण प्रणाली पहले से अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बन जाएगी।
