जस्टिस कोगजे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 30वें मुख्य न्यायाधीश बने हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे के नाम की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री निवास में नए चीफ जस्टिस का लंच रखा गया है। शुक्रवार से हाईकोर्ट में आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे।
गुजरात में वकालत से शुरू किया कानूनी सफर-
जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे का जन्म 16 जुलाई 1969 को हुआ था। उन्होंने 1990 में केमिस्ट्री में बीएससी और 1993 में एलएलबी की डिग्री हासिल की। उसी वर्ष उन्होंने गुजरात में वकालत शुरू की और करीब 33 साल के कानूनी सफर के बाद इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे। वे 6 अप्रैल 2016 को गुजरात हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 15 मार्च 2018 को स्थायी न्यायाधीश बनाए गए। सितंबर 2026 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने तक वे गुजरात हाईकोर्ट में ही काम कर रहे थे।
गोधरा दंगों से जुड़े मामलों में की गुजरात सरकार की पैरवी-
वे आपराधिक मामलों के जानकार माने जाते हैं। 2001 में असिस्टेंट गवर्नमेंट प्लीडर और 2002 से 2007 तक एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के रूप में उन्होंने काम किया। 2008 में सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम्स डिपार्टमेंट के स्टैंडिंग काउंसल बने। 2011 में स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और स्पेशल टास्क फोर्स के स्पेशल काउंसल के रूप में नियुक्त हुए। उन्होंने 2002 के गोधरा दंगों से जुड़े कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामलों में गुजरात सरकार की ओर से पैरवी की।