जबलपुर। जिले में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने पाटन स्थित 132 केवी अति उच्च दाब सबस्टेशन का व्यापक जायजा लिया। इस मौके पर मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डी. के. अग्रवाल, मुख्य अभियंता टेस्टिंग एम. वाय. मंसूरी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता टेस्टिंग आर. सी. शर्मा, अधीक्षण अभियंता आर. एस. पांडेय, कार्यपालन अभियंता ए. पी. एस. चौहान, नरेंद्र पटेल, अमित दाहिया तथा जितेंद्र तिवारी मौजूद रहे। निरीक्षण दल ने वर्तमान विद्युत क्षमता, रबी फसल के दौरान बढ़ने वाली मांग और सबस्टेशन परिसर से सटी जमीन का गहन विश्लेषण किया। प्रबंध संचालक ने मौके पर कार्यरत आउटसोर्स ऑपरेटरों व सुरक्षा कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं को परखा।
पनागर ग्रिड से नया सर्किट जोड़ने की तैयारी
अधिकारियों ने 220 केवी पनागर सबस्टेशन से 1 अतिरिक्त 132 केवी सर्किट उपलब्ध कराने का तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है। कृषि बहुल क्षेत्र होने से पाटन में सिंचाई सत्र के दौरान बिजली का लोड अचानक बढ़ जाता है। नया सर्किट जुड़ने से पूरे ग्रामीण अंचल को बिना रुकावट निरंतर बिजली मिलेगी। टेस्टिंग शाखा को सबस्टेशन की क्षमता बढ़ाने का पूरा खाका शासन को भेजने को कहा गया है। खाली पड़ी जमीन पर नया यार्ड विकसित होने से भविष्य के लोड संकट का स्थायी समाधान निकलेगा।
नुनसर में शिफ्ट हुए छह टावरों की जांच
जबलपुर आउटर रिंग रोड निर्माण के कारण ग्राम नुनसर के पास ट्रांसमिशन लाइन के 6 टावरों को हटाया गया है। 132 केवी पनागर-पाटन एवं 132 केवी जबलपुर-पाटन-तेजगढ़ लाइन के 3-3 टावरों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के लिए समय से पहले बदला गया। लाइन मेंटेनेंस विंग को निर्देश मिले हैं कि नए टावरों की ऊंचाई और तकनीकी सुरक्षा मानकों का मौके पर जाकर सत्यापन करें। सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने से पहले तारों का क्लीयरेंस पूरी तरह सुरक्षित होना जरूरी है।

