नई दिल्ली। रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल, रेल मंत्रालय ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को लेकर नया फ्रेमवर्क जारी किया। इस फ्रेमवर्क में जरूरी जानकारी दी गई। इसमें बताया गया है कि कैसे नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत आने वाले रेलवे कर्मचारी यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) में जा सकते हैं। और यूपीएस से कैसे एनपीएस में जा सकते हैं। नोटिफिकेशन में बताया गया है कि यूपीएस के तहत आने वाले रेलवे के कर्मचारियों को कितने साल की नौकरी के बाद एक फिक्स्ड पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी।
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 को एनपीएस के इतर यूपीएस स्कीम शुरू की थी। यह पेंशन स्कीम पुरानी पेंशन स्कीम के बदले लाई गई है। केंद्र सरकार के कई डिपार्टमेंट एक-एक करके यूपीएस को लागू कर रहे हैं, और अब रेलवे ने भी अपने कर्मचारियों के लिए पेंशन स्कीम खोल दी है। रेलवे बोर्ड ने 16 सितंबर, 2026 को रेलवे सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत एकीकृत पेंशन योजना का कार्यान्वयन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की और इसे सोमवार, 21 सितंबर, 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया। यह अधिसूचना प्रकाशन की तारीख से लागू हो गई है।
10 साल में पेंशन और 20 साल में ले सकते हैं वीआरएस
रेलवे ने जो अधिसूचना जारी की है, उसके अनुसार ये नियम उन कर्मचारियों पर लागू होंगे, जिन्होंने 1 जनवरी 2004 या उसके बाद रेलवे में नौकरी ज्वाइन की और जो नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) का विकल्प चुनना चाहते हैं। यह नियम रेलवे के परमानेंट कर्मचारियों पर लागू होंगे जो यूपीएस का विकल्प चुनते हैं, न कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वालों पर।
रेलवे ने फ्रेमवर्क में बताया कि यूपीएस को चुनने वाले कर्मचारियों को 10 साल की सेवा पूरी होने पर न्यूनतम 10,000 रुपये की पेंशन मिलेगी, और 25 साल की सेवा पूरी होने पर पूरी पेंशन मिल सकती है। इसके साथ कर्मचारी 20 साल की सेवा पूरी करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) भी ले सकते हैं।
यूपीएस वाले कर्मचारियों का कितनी पेंशन मिलेगी?
रेलवे यूपीएस सब्सक्राइबर को हर महीने अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (डीए) का 10 प्रतिशत अपने यूपीएस अकाउंट में जमा करना होता है। रेलवे भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए का 10 प्रतिशत उनके यूपीएस कॉर्पस में जमा करेगा।
नोटिफिकेशन में कहा गया है, यूनिफाइड पेंशन स्कीम डिफाइंड कंट्रीब्यूशन (तय योगदान) के आधार पर काम करेगी और सब्सक्राइबर को हर महीने अपनी कमाई) का 10 प्रतिशत या समय-समय पर तय की गई कोई अन्य प्रतिशत राशि अपने पर्सनल कॉर्पस में जमा करनी होगी। सरकार हर महीने रेलवे कर्मचारी की कमाई का 10 प्रतिशत या समय-समय पर तय की गई कोई अन्य प्रतिशत राशि सब्सक्राइबर के पर्सनल कॉर्पस में जमा करेगी। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 25 साल की सर्विस पूरी होने पर कर्मचारियों को पूरी पक्की पेंशन मिलेगी, जो सुपरएनुएशन से पहले पिछले 12 महीनों की एवरेज बेसिक पे का 50 प्रतिशत होगी।
एनपीएस में जाने का एक बार मिलेगा मौका
जो रेलवे कर्मचारी यूपीएस का चुनाव करते हैं और एनपीएस में फिर से स्विच करना चाहते हैं तो उन्हें वापस एनपीएस में जाने का एक बार का विकल्प मिलेगा। लेकिन यह विकल्प रिटायरमेंट की उम्र से बारह महीने पहले, अपनी मर्जी से रिटायरमेंट की तय तारीख से तीन महीने पहले, या इस्तीफा देने या बिना पेनल्टी के अनिवार्य रिटायरमेंट के समय के बाद नहीं लिया लागू होगा।
कर्मचारी के मृत्यू के बाद क्या फैमिली को मिलेगी पेंशन?
नोटिफिकेशन के अनुसार, जहां रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 2026 के तहत लाभ दिए जाते हैं, वहां सब्सक्राइबर की यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत उनके पर्सनल कॉर्पस में सरकार का योगदान और उस पर मिलने वाला रिटर्न सरकारी खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा और पर्सनल कॉर्पस में बची हुई रकम कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी को एकमुश्त (एक बार में) दे दी जाएगी। इसमें यह भी कहा गया है कि मृतक सब्सक्राइबर द्वारा अपनी मृत्यु से पहले चुने गए आखिरी विकल्प को ही अंतिम माना जाएगा और परिवार को उस विकल्प को बदलने का कोई अधिकार नहीं होगा। मंजूर फैमिली पेंशन पेमेंट पूरी पेंशन का 60 प्रतिशत होगा।
