जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में परीक्षा प्रबंधन की गंभीर खामी सामने आई है। सत्र से करीब 120 दिन की देरी से आयोजित बीए एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में सुबह 7 बजे हिंदी के पर्चे में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न देख परीक्षार्थी भड़क उठे। आक्रोशित छात्र इम्तिहान बीच में छोड़कर सीधे कुलपति निवास पहुंच गए और बाहर धरना देकर जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन को समर्थन देने एनएसयूआई के विश्वविद्यालय प्रभारी अचल नाथ भी कार्यकर्ताओं संग मौके पर पहुंचे। छात्र सुबह 7 से 10 बजे तक बंगले के बाहर बैठकर विरोध दर्ज कराते रहे। विद्यार्थियों ने परीक्षा निरस्त करने और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
पर्चा देख भड़के परीक्षार्थी पहुंचे सीधे कुलपति आवास
सुबह 7 बजे जब परीक्षा कक्षों में बीए एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर का हिंदी विषय का प्रश्नपत्र बांटा गया, तो उसमें पूछे गए सवाल देखकर छात्र हक्के-बक्के रह गए। छात्रों ने बताया कि उन्होंने पूरे निर्धारित पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन किया था, मगर हाथ में आया प्रश्नपत्र पूरी तरह सिलेबस से अलग था। पर्चे की गड़बड़ी को लेकर जब परीक्षा केंद्र पर मौजूद स्टाफ से बात की गई तो कोई भी सक्षम अधिकारी संतोषजनक जवाब देने के लिए मौजूद नहीं मिला। व्यवस्था की इस घोर अनदेखी से आहत छात्र तत्काल अपनी उत्तर पुस्तिकाएं छोड़कर बाहर निकल आए और सीधे कुलगुरु के सरकारी आवास का घेराव करने पहुंच गए।
लापरवाह अफसरों पर कड़ी कार्रवाई और दोबारा परीक्षा मांग
धरना स्थल पर पहुंचे एनएसयूआई नेता अचल नाथ ने विश्वविद्यालय प्रशासन के लचर रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि छात्र रात भर पढ़ाई करके सुबह 7 बजे इम्तिहान देने पहुंचे, लेकिन उन्हें गैर-प्रासंगिक पेपर थमा दिया गया। छात्र सुबह 7 बजे से 10 बजे तक करीब तीन घंटे तक कुलपति बंगले के बाहर जमीन पर डटे रहे, लेकिन कुलगुरु आवास से बाहर नहीं निकले। छात्रों ने आरोप लगाया कि पहले ही यह सत्र 120 दिन पिछड़ चुका है और अब ऐसी लापरवाही से उनके अकादमिक करियर के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि इस गलत पर्चे को तत्काल निरस्त कर नए सिरे से परीक्षा की तारीख घोषित की जाए तथा पेपर तैयार करने वाले दोषी अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
