जबलपुर। नर्मदा नगर ग्वारीघाट स्थित गुरु अर्जुन देव रहवासी सहकारी समिति के सार्वजनिक उद्यान में वर्षों पुराने 12 से 15 घने वृक्षों को अज्ञात तत्वों ने जड़ से काटकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। शनिवार के दिन अंजाम दी गई इस मनमानी से क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह उजड़ गई, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। रहवासियों को यह तक भनक नहीं लगी कि कब चुपचाप इतने सारे बड़े पेड़ जमीन पर गिरा दिए गए। शुद्ध हवा और पर्यावरण संतुलन को नुकसान पहुंचाने वाली इस अवैध कटाई की लिखित शिकायत अब नगर निगम उद्यान विभाग को सौंपने की पूरी तैयारी की जा चुकी है, ताकि संबंधित दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
मजदूरों से कराई गई वृक्षों की अवैध कटाई
उद्यान में काटे गए सभी वृक्ष 15 से 20 वर्ष पुराने थे, जो समूचे रिहायशी इलाके में शुद्ध वायु और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का मुख्य आधार थे। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि कुछ असामाजिक तत्वों को बगीचे में इन पेड़ों की मौजूदगी रास नहीं आ रही थी। यही वजह रही कि प्रशासनिक अमले के बजाय बाहर से निजी मजदूर बुलाकर सुनियोजित ढंग से यह काम करवाया गया।
कार्रवाई के लिए नगर निगम पहुंचे लोग
पार्क में नगर निगम के कर्मचारी केवल नियमित साफ-सफाई और टहनियों की सामान्य छंटाई के लिए ही आते रहे हैं। निगम अमले ने कभी भी किसी बड़े वृक्ष को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया, जिससे स्पष्ट है कि यह कारस्तानी बाहरी लोगों की है। बिना वैधानिक अनुमति पेड़ काटने पर नगर निगम प्रशासन पहले भी एक-दो मामलों में सीधी एफआईआर दर्ज करा चुका है। अब रहवासी चाहते हैं कि उद्यान विभाग इस मामले की पड़ताल कर सख्त वैधानिक कदम उठाए।
