जबलपुर। गौरीघाट में शुक्रवार की दोपहर होमगार्ड नाव हादसे के ऑपरेटर सैनिक भानु को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच होमगार्ड डीआईजी डॉ. विशद तिवारी कर रहे हैं। यह जांच आईजी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद इस हादसे में अंतिम फैसला लिया जा सकेगा।
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट नीरज सिंह ठाकुर ने बताया कि उफनाती नर्मदा में होमगार्ड की नाव में क्षमता से अधिक लोगों को बिठाए जाने से हुए हादसे में दोषी सैनिक भानु प्रताप सिंह को प्रथम दृष्टया निलंबित कर दिया है। सैनिक सहित अन्य से पूछताछ की जा रही है। बयान लिए जा रहे हैं। इस हादसे की जांच में सारे तथ्य और हालातों के मद्देनजर जानकारी जुटाई जा रही है ताकि हादसे की वजह स्पष्ट हो सके।
ये रहा मामला
गौरीघाट में नर्मदा उफान पर थी। शुक्रवार की दोपहर नाव ऑपरेटर नाव में 15 लोगों को बिठाकर नदी में सैर करने चला गया था। इस दौरान नदी के तेज बहाव और क्षमता से अधिक लोग होने की वजह से नाव असंतुलित हो गई। नाव पानी में एक ओर से पानी में डूबने लगी थी। मौजूद लोग लाइन सेविंग जैकेट पहने हुए थे। उधर, नाव को डूबता देखकर घाट पर मौजूद नाविकों ने जैसे-तैसे नाव तक पहुंचकर लोगों को बचा लिया था। होमगार्ड की नाव को रस्सी से बांधकर किनारे ले आए थे।
जांच बिंदू
- नाव में क्षमता से अधिक लोगों को बिठाए जाने का आशय क्या था ?
- नाव को उफनाती नदी के बीच में क्यों ले जाया गया था ?
- पेट्रोलिंग की जानी थी कि घाटों के किनारे की जा सकती थी ?
- ऑपरेटर लाइफ जैकेट क्यों नहीं पहना हुआ था ?
