जबलपुर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने भेड़ाघाट क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय मुआयना किया। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता डी.के. अग्रवाल, एस.के. दुबे, अधीक्षण अभियंता आर.एस. पांडेय, कार्यपालन अभियंता हर्ष श्रीवास्तव, ए.पी.एस. चौहान, जितेंद्र तिवारी तथा सहायक अभियंता राजेश तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह पूरी कवायद नयागांव तथा नरसिंहपुर 220 केवी सबस्टेशनों को विद्युत पारेषण का नया जरिया देने के लिए जारी है। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि रबी मौसम शुरू होने से पहले सारा निर्माण कार्य समाप्त कर लिया जाए, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं को चालू सत्र में ही इसका सीधा फायदा मिलने लगे।
लम्हेटी से भेड़ाघाट तक बिछाई जा रही लाइन
अभी तक दोनों सबस्टेशनों को बिजली देने का जिम्मा पावर ग्रिड के 400 केवी सूखा सबस्टेशन तथा अमरकंटक और बिरसिंहपुर संयंत्रों पर था। लगातार बढ़ते उपभोग के दबाव को कम करने के लिए 765 केवी भेड़ाघाट पूलिंग केंद्र से निकासी की कार्ययोजना धरातल पर उतारी गई है। इसके अंतर्गत 220 केवी जबलपुर-नरसिंहपुर मार्ग के दो सर्किटों को भेड़ाघाट स्टेशन में लिलो किया जा रहा है। लम्हेटी गांव से भेड़ाघाट के बीच 7 किलोमीटर के फासले पर 45 नए खंभे खड़े किए जा रहे हैं।
गाडरवाड़ा संयत्र से बेहतर तरीके से निकलेगी विद्युत
निर्माण कार्य संपन्न होते ही नयागांव और नरसिंहपुर सबस्टेशनों को 300-300 मेगावाट अतिरिक्त पारेषण सुविधा मिलने लगेगी, जिससे महाकौशल का नेटवर्क सुदृढ़ होगा। इस केंद्र पर 500-500 एमवीए क्षमता वाले दो 400/220 केवी ट्रांसफार्मर लग रहे हैं, जिनके जरिए कुल 1000 मेगावाट ऊर्जा सुलभ रहेगी। साथ ही एनटीपीसी चीचली से सूबे के कोटे की 756 मेगावाट बिजली की सुगम निकासी होगी, जो जबलपुर, नरसिंहपुर तथा पिपरिया की भावी जरूरतों को साधेगी।

