जबलपुर। संवैधानिक मर्यादा, सामाजिक सुरक्षा और अधिकारों की हिफाजत के उद्देश्य से आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ अबॉक्स ने 30 सितम्बर बुधवार को सिविक सेंटर से दोपहर 2 बजे संविधान बचाओ देश बचाओ महारेली निकालने का फैसला किया है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष देवेश कुमार चौधरी ने मीडिया से मुखातिब होकर बताया कि वर्तमान दौर में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विरुद्ध बढ़ती नफरत, मॉब लिंचिंग, आरक्षण पर सवाल उठाने वाली भ्रांतियों तथा एट्रोसिटी कानून एवं यूजीसी नियमों के विरोध से समाज गंभीर संकट से गुजर रहा है। परिसरों में वंचित तबके के छात्र-छात्राएं खुद को असुरक्षित पा रहे हैं। इस प्रेस वार्ता के दौरान एड तेजकुमार भगत, शिवनाथ चौधरी, एड राजेंद्र गुप्ता, एड तरुण रोहितास, सोनेलाल उरेती, बैजनाथ कुशवाहा, कमलेश धापोडकर, महेश अहिरवार, लखन चौधरी, दिनेश चौधरी, राजकुमार सिंह, जीवन जाटव और एड दीपक चौधरी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
चार प्रमुख मुद्दों पर आधारित ठोस कार्ययोजना
संबोधन में साफ किया गया कि आरक्षण गरीबी मिटाने का जरिया नहीं बल्कि वाजिब भागीदारी का हक है, इसलिए इसे आर्थिक आधार पर बांटने की मंशा का कड़ा विरोध होगा। संगठन ने 4 सूत्रीय मांगपत्र तैयार किया है। इसमें मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को संविधान की 9 वीं अनुसूची का सुरक्षा कवच देने, एट्रोसिटी एक्ट के प्रावधानों को अत्यधिक कड़ा बनाने, मध्य प्रदेश में लंबित 13 प्रतिशत ओबीसी कोटा तुरंत बहाल करने तथा यूजीसी इक्विलिटी बिल 2026 को अक्षरश: लागू करने की मांग शामिल है।
सिविक सेंटर से घंटाघर तक गूंजेगी आवाज
तय योजनानुसार यह पैदल मार्च सिविक सेंटर से शुरू होकर शाम 4 बजे घंटाघर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचेगा, जहां इसका समापन होगा। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन स्थानीय जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
