जबलपुर। घनी आबादी वाले मिलौनीगंज मुख्य मार्ग पर शनिवार सुबह आर्मर्ड केबल बदलते वक्त दो जर्जर विद्युत पोल अचानक धराशायी हो गए। विद्युत विभाग का कर्मचारी लाइन सुधारने के लिए पोल पर चढ़ा हुआ था, तभी कमजोर ढांचा नीचे से उखड़कर गिर पड़ा। खंभा गिरते ही तारों में तेज चिंगारियों के साथ शार्ट सर्किट हुआ और भीषण धमाका होने से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। यह पूरा घटनाक्रम मिलौनीगंज से सुभाष मार्केट की ओर जाने वाली व्यस्त सड़क पर स्थित एक स्कूल के ठीक सामने पेश आया। आसपास मौजूद नागरिकों ने तुरंत दौड़कर मलबे में फंसे विभागीय कर्मी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां से गुजर रहे स्कूली छात्र, उनके अभिभावक और आम राहगीर खंभों की चपेट में आने से बच गए।
जर्जर खंभे की मजबूती जांचे बिना भेजा कर्मचारी
हादसे के समय मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विद्युत वितरण कंपनी का लाइन स्टाफ जर्जर खंभों की तकनीकी स्थिति देखे बिना ही मरम्मत कार्य में जुटा था। मिलौनीगंज से सुभाष मार्केट मार्ग पर नई आर्मर्ड लाइन बिछाने की प्रक्रिया चल रही थी। जैसे ही कर्मी ऊपर चढ़ा, जमीन में धंसा सड़ा-गला निचला हिस्सा भार सहन नहीं कर सका। संतुलन बिगड़ते ही पहला खंभा सीधे सामने बने मकान की दीवार पर टिक गया, जबकि उससे जुड़ा दूसरा खंभा मुख्य सड़क पर जा गिरा। तारों के भारी खिंचाव के चलते विद्युत आपूर्ति लाइन तुरंत टूट गई। सड़क पर दोनों खंभे आड़े-तिरछे गिरने से वाहनों का आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
लापरवाह प्रबंधन के खिलाफ क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश
स्कूल के मुख्य द्वार के निकट हुए इस गंभीर घटनाक्रम के बाद नागरिकों ने बिजली अमले की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि जब ढांचा नीचे से खोखला था, तो सुरक्षा उपकरणों और बैरिकेडिंग के बगैर काम शुरू क्यों किया गया। अति व्यस्त व्यापारिक इलाके में मेंटेनेंस के दौरान यातायात रोकने या मार्ग डायवर्ट करने का कोई सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया था। लोगों ने मांग उठाई है कि पूरे मिलौनीगंज और आसपास के पुराने इलाकों में खड़े सभी कमजोर खंभों का तुरंत तकनीकी सर्वे हो। खतरनाक खंभों को हटाकर नए सीमेंटेड खंभे लगाए जाएं और कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
