छिंदवाड़ा. मध्य प्रदेश के पांढुर्णा के गोटमार मेले में झंडे के लिए परंपरागत टकराव जारी है। जाम नदी के किनारे पत्थरबाजी चल रही है। पांढुर्णा और सावरगांव के ग्रामीण एक दूसरे पर पत्थर बरसा रहे हैं। शुक्रवार को झंडे पर कब्जे के लिए यह लड़ाई चल रही है जिसमें अभी तक 650 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। घायलों को इलाज के लिए बनाए गए विशेष अस्पतालों में ले जाया जा रहा है, 22 एंबुलेंस भेजीं हैं।
पांढुर्णा में गोटमार मेला शुरू होते ही दोनों पक्षों के लोगों ने आमने सामने आते हुए पत्थरबाजी शुरु कर दी। पत्थर लगने से कई लोगों के सिर फूट गए जिनमें से 4 की हालत गंभीर है। पांढुर्णा के विधायक निलेश उईके ने भी पत्थर बरसाए। कांग्रेस विधायक ने परंपरा को आस्था के साथ निभाने की भी बात कही। पूरी घटना की 3 ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 650 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
पांढुर्ना का गोटमार मेला देशभर में विख्यात है। यहां पत्थरबाजी की सदियों पुरानी परंपरा है। गोटमार मेले की इस पंरपरा में कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। हर साल सैंकड़ों लोग घायल होते हैं। इस बार गोटमार मेला में पत्थर बाजी से घायलों के इलाज के लिए खासी कवायद की गई है। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के अनुसार मेला क्षेत्र में 7 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने घायलों के तवरित इलाज के लिए 44 डॉक्टरों की टीम बनाकर ड्यूटी लगाई। 22 एंबुलेंस भी तैनात की गई। इनसे घायलों को जरूरत के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा जा रहा है।
पांढुर्णा कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने बताया कि पांढुर्णा में परंपरागत रूप से गोटमार का आयोजन के लिए पुलिस और प्रशासन ने खासी तैयारी की। हमने चिकित्सा शिविर बनवाए , उसमें चिकित्सक दल तैनात किए और लगभग 22 एंबुलेंस उपलब्ध कराईं।
