जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जबलपुर रीजन के मुख्य अभियंता एसके गिरिया को नियमित, संविदा, आउटसोर्स कर्मियों, परीक्षण सहायकों एवं मीटर वाचकों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में केएन लोखंडे, मोहन दुबे, जानकी प्रसाद त्रिपाठी, दशरथ शर्मा, हीरेंद्र रोहिताश, मोतीलाल बनकर, किशोर, संतोष और जगदीश मेहरा शामिल रहे। संघ ने बताया कि जबलपुर नगर वृत्त के पूर्व शहर संभाग के कार्यपालन अभियंता ने श्रम नियमों के विपरीत जाकर लगभग 100 आउटसोर्स कर्मियों के अगस्त माह के वेतन से 3000 रुपये काट लिए हैं, जिसे तुरंत लौटाया जाना चाहिए। मुख्य अभियंता श्री गिरिया ने वेतन कटौती के प्रकरण में निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों को पूरा न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
अवैध वेतन कटौती पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
संघ प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के साथ हो रहा आर्थिक उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यपालन अभियंता द्वारा बिना किसी ठोस आधार के की गई इस कटौती से प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। इस मनमानी पर रोक लगाते हुए उच्चाधिकारियों को तत्काल दखल देना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर ऐसा कदम न उठा सके।
सुरक्षा संसाधन मुहैया कराकर बंद कराएं अनावश्यक दबाव
प्रतिनिधिमंडल ने कार्यस्थल की स्थितियों में सुधार हेतु मांग रखी कि लाइन स्टाफ से प्रतिदिन 8 घंटे से ज्यादा काम न लिया जाए। अवकाश के दिनों अथवा विशेष परिस्थितियों में ड्यूटी लगाने पर लिखित आदेश जारी हो। सब स्टेशनों में ऑपरेटर के साथ हेल्पर, समुचित फर्नीचर व सुरक्षा उपकरण मिलें। सभी श्रेणी के कर्मियों को सेफ्टी किट दी जाए तथा ठेला सीढ़ी बंद कर टावर गाड़ी मिले। इसके अतिरिक्त अधिकारियों द्वारा रोजाना आयोजित गूगल मीटिंग व काम के बाद मोबाइल पर फोटो भेजने की अनिवार्यता को भी समाप्त किया जाए।
