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पढ़ाई हो गुणवत्तायुक्त एवं विद्यालयों में स्वच्छता का रखा जाए विशेष ध्यान : घनश्याम सोनी

संयुक्त संचालक ने बालाघाट जिले में दो दिवसीय औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जबलपुर. संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, जबलपुर संभाग जबलपुर श्री घनश्याम सोनी द्वारा बालाघाट जिले का दो दिवसीय औचक निरीक्षण कर विद्यालयों एवं छात्रावासों में शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्वच्छता, भोजन, पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही विद्यालय एवं छात्रावास परिसर में स्वच्छता तथा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए।

प्रथम दिवस विभिन्न विद्यालयों एवं छात्रावासों का निरीक्षण

निरीक्षण के प्रथम दिवस 17 अगस्त 2026 को श्री सोनी द्वारा शासकीय मॉडल बालक छात्रावास, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाथरी विकासखंड बैहर, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास बैहर, शासकीय मॉडल बालिका छात्रावास बैहर तथा शासकीय मॉडल स्कूल बिरसा का निरीक्षण किया गया। मॉडल बालक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पेयजल एवं भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना संस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाथरी, बैहर में निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई। विद्यालय में दर्ज 204 विद्यार्थियों में से मात्र 106 विद्यार्थी उपस्थित मिले। इस पर श्री सोनी ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अनुपस्थित विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें विद्यालय से जोडऩे के निर्देश दिए।

कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास बैहर एवं शासकीय मॉडल बालिका छात्रावास बैहर में निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की भोजन व्यवस्था, नियमित साफ-सफाई एवं पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। श्री सोनी ने पानी की टंकियों की नियमित सफाई कराने तथा छात्रावासों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मॉडल स्कूल बिरसा की व्यवस्थाएं मिलीं संतोषजनक

शासकीय मॉडल स्कूल बिरसा के निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। विद्यालय में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए श्री सोनी ने इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण कार्य एवं बेहतर व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए।

प्राथमिक शाला उर्सकेल में मिली गंभीर अनियमितताएं

शासकीय प्राथमिक शाला उर्सकेल, विकासखंड बिरसा के निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक व्यवस्थाएं अत्यंत असंतोषजनक पाई गईं। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। विद्यार्थियों के कपड़े अत्यंत मैले एवं अस्वच्छ पाए गए तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति भी बहुत कम थी। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों का शैक्षणिक कार्य भी अपेक्षित स्तर का नहीं पाया गया। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक श्री सोनी द्वारा संबंधित शिक्षकों, जनशिक्षकों, बीआरसी तथा जिला परियोजना समन्वयक, बालाघाट को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधितों से तीन दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त जवाबों का परीक्षण करने के बाद यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

दूसरे दिन प्राथमिक शालाओं का औचक निरीक्षण 

निरीक्षण के दूसरे दिवस 18 अगस्त को विकासखंड बिरसा की प्राथमिक शाला घुम्मर एवं प्राथमिक शाला हर्राटोला का औचक निरीक्षण किया गया। प्राथमिक शाला घुम्मर में शैक्षणिक व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को पुस्तकें प्राप्त नहीं होने की जानकारी सामने आई। कई विद्यार्थी अपेक्षित स्तर पर पुस्तक पढऩे में सक्षम नहीं पाए गए। इस पर श्री सोनी ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षताओं, पठन-पाठन एवं समझ विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की प्रगति का नियमित आकलन किया जाए।

प्राथमिक शाला हर्राटोला में श्री सोनी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई एवं विद्यालयीन अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता एवं साफ-सफाई के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ वातावरण बेहतर शिक्षा के लिए आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को चॉकलेट भी वितरित की।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

संयुक्त संचालक श्री सोनी ने कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र हैं। प्रत्येक शिक्षक यह सुनिश्चित करे कि विद्यालय आने वाला हर बच्चा नियमित रूप से पढ़े, समझे और सीखने में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की कम उपस्थिति, कमजोर शैक्षणिक स्तर, अस्वच्छता अथवा भोजन एवं पेयजल की गुणवत्ता में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां कमियां पाई जाएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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