जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के जबलपुर कार्यालय के अंतर्गत बैतूल जिले में वर्ष 1972 में स्थापित ट्रांसमिशन लाइनें आज 54 साल बाद भी बिजली आपूर्ति में पूरी तरह बेजोड़ साबित हो रही हैं। राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस बड़ी सफलता की जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैतूल जिले की इन 20 ईएचवी ट्रांसमिशन लाइनों ने पिछले 1500 दिनों से बिना किसी ब्रेकडाउन के लगातार बिजली पहुंचाई है। पूरे प्रदेश में ऐसी 593 ईएचवी ट्रांसमिशन लाइनें पिछले 4 वर्षों से बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, जिसमें सारणी, बैतूल, मुलताई, आमला, छिंदवाड़ा, रेलवे ट्रैक्शन और पावर ग्रिड से जुड़ी लाइनें तथा सारणी-कलमेश्वर जैसी महत्वपूर्ण इंटर-स्टेट लाइन भी शामिल हैं। अपने तकनीकी कौशल के बल पर इन सभी कर्मियों ने यह इतिहास रचा है।
अद्भुत तकनीक से बिना ब्रेकडाउन चल रही लाइनें
इन लाइनों के लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के चलने से मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की तकनीकी दक्षता का एक बहुत बड़ा प्रमाण देश के सामने आया है। कंपनी के वरिष्ठ इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और मेंटेनेंस कार्यों में दिन-रात जुटे आउटसोर्स कार्मिकों की असाधारण मुस्तैदी के कारण ट्रांसमिशन नेटवर्क में किसी भी प्रकार की बड़ी खराबी या ट्रिपिंग की समस्या सामने नहीं आई है। इतनी पुरानी लाइनें होने के बावजूद इनका नियमित और आधुनिक रखरखाव इस तरह से सुनिश्चित किया गया कि विद्युत पारेषण में कभी भी कोई बाधा उत्पन्न न हो सके। इंटर-स्टेट 220 केवी सारणी-कलमेश्वर लाइन के साथ-साथ बैतूल, मुलताई, आमला और छिंदवाड़ा जैसे क्षेत्रों की अन्य उच्च क्षमता वाली 220 केवी व 132 केवी लाइनें भी बिना किसी व्यवधान के पूरी क्षमता से अपना काम कर रही हैं। इन सभी महत्वपूर्ण लाइनों के लगातार और सुचारू रूप से चालू रहने के कारण क्षेत्रीय स्तर पर बिजली वितरण प्रबंधन और अधिक मजबूत हो गया है, जिससे आम जनता को भी खासी राहत मिल रही है।
सारणी क्षेत्र में बिजली उत्पादन भी रहा निरंतर
इन सभी ट्रांसमिशन लाइनों के निर्बाध और सुचारू रूप से कार्य करने का सीधा और बेहद सकारात्मक असर औद्योगिक तथा घरेलू बिजली उत्पादन पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया है। सारणी विद्युत गृह से होने वाले कुल विद्युत उत्पादन में किसी भी प्रकार की आकस्मिक कटौती या तकनीकी रुकावट का सामना नहीं करना पड़ा है। उत्पादित होने वाली बिजली की निकासी बहुत ही आसानी से और बिना किसी ट्रांसमिशन बाधा के निर्धारित ग्रिड तक निरंतर पहुंचती रही है। मेंटेनेंस कार्यों में पूरी निष्ठा से जुटे मैदानी अमले और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत आखिरकार पूरी तरह रंग लाई है, जिसके परिणामस्वरूप आज बैतूल जिला और उससे जुड़े तमाम इलाके पूरी तरह से भरोसेमंद और निर्बाध बिजली आपूर्ति का भरपूर लाभ उठा रहे हैं। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण और तकनीकी देखरेख का यह शानदार नतीजा है कि दशकों पुरानी प्रणालियां भी आज के आधुनिक दौर में रिकॉर्ड तोड़ और बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं।
