जबलपुर/कटनी। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के कटनी स्टेशन के समीप देर रात चर्लपल्ली से मुजफ्फरपुर जा रही अमृत भारत एक्सप्रेस में बदमाशों ने अचानक हमला बोल दिया. जमकर पथराव किया गया. जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान टीसी अनिल कुमार ने यात्रियों को सुरक्षित किया.
घटना के संबंध में बताया जाता है कि गाड़ी संख्या 15294 चर्लपल्ली-मुजफ्फरपुर अमृत भारत एक्सप्रेस जबलपुर से गुरूवार की रात कटनी की ओर रवाना हुई. जैसे ही यह ट्रेन कटनी साउथ के समीप पहुंची, तभी अचानक ट्रेन की गति धीमी हुई और बदमाशों ने पथराव करते हुए ट्रेन में लूटपाट का प्रयास शुरू कर दिया। आश्चर्य की बात ये है कि ट्रेन में सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था नजर नहीं आई.
चीख-पुकार के बीच टिकट चैकिंग स्टाफ बना यात्रियों का सहारा
घटना के दौरान ट्रेन में मौजूद टीसी टीसी अनिल कुमार ने असाधारण सूझबूझ दिखाई। उन्होंने यात्रियों को तत्काल सतर्क करते हुए खिड़कियां और दरवाजे बंद करने के लिए कहा। घबराए यात्रियों को संभालते हुए टीसी ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और पुलिस को भी सूचना दी।
यात्रियों का कहना है कि जिस समय उन्हें सुरक्षा बल की जरूरत थी, उस समय टीसी ही उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बना। अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर यात्रियों को सुरक्षित रखने के उनके प्रयास की सराहना की जा रही है।
डेढ़ किलोमीटर दूर सुरक्षा चौकी, फिर भी यात्री रहे भगवान भरोसे?
घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यात्रियों के अनुसार पुलिस को सूचना दी गई थी, तो मौके पर तत्काल सुरक्षा बल क्यों नहीं पहुंचा? रात में इस इलाके में नियमित पेट्रोलिंग की क्या व्यवस्था है? क्या ट्रेन गुजरने के दौरान संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बल की तैनाती की जाती है?
यात्रियों का दावा है कि रात के समय इस क्षेत्र में पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं। यदि यह दावा सही है तो सवाल और गंभीर हो जाता है, बार-बार की शिकायतों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हुआ? फिलहाल इस घटना में टिकट चैकिंग स्टाफ की सूझबूझ ने यात्रियों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन सवाल यही है कि क्या यात्रियों की सुरक्षा के लिए उन्हें हर बार खुद ही मोर्चा संभालना पड़ेगा?

