कटनी. राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की भोपाल क्षेत्रीय इकाई ने एमपी के कटनी में कार्रवाई की है। डीआरआई ने विदेशी मूल का सोना जब्त करते हुए दो तस्करों और एक सराफा व्यापारी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कटनी रेलवे स्टेशन पर दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के बाद सराफा बाजार स्थित गोयनका ज्वेलर्स पर छापे के रूप में की गई।
डीआरआई को मिली खुफिया सूचना के आधार पर शुक्रवार देर रात कटनी रेलवे स्टेशन पर दो युवकों को पकड़ा गया। उनके कब्जे से 748.10 ग्राम विदेशी मूल का सोने का बिस्किट बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में यह सोना विदेशी रिफाइनरी का पाया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सत्यम सराफ और आयुष मिश्रा के रूप में हुई है। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान अन्य जानकारी मिली। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बरामद विदेशी सोने का कुछ हिस्सा शहर के सराफा बाजार स्थित गोयनका ज्वैलर्स तक पहुंचाया जाना था। इस इनपुट के आधार पर डीआरआई की टीम ने तुरंत गोयनका ज्वैलर्स पर छापा मारा।
छापे में मिला विदेशी सोना
सराफा दुकान में तलाशी के दौरान 100.1 ग्राम वजन का एक विदेशी गोल्ड बार मिला, जिस पर वालकैंबी स्विट्जरलैंड 100 ग्राम गोल्ड 995.0 अंकित था। डीआरआई के अनुसार, इस प्रकार की मार्किंग विदेशी रिफाइनरी की पहचान होती है। इसके अतिरिक्त, दुकान से सोने के 11 कटे हुए टुकड़े, एक छोटा चपटा टुकड़ा और अंगूठी के आकार का सोने का तार भी बरामद किया गया।
सोना आयात के नहीं मिले दस्तावेज
जांच के दौरान जब इन आभूषणों और विदेशी सोने के आयात से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए, तो सराफा व्यापारी उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद डीआरआई ने बरामद सभी सामग्री को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा-110 के तहत जब्त कर लिया। शनिवार को पूछताछ के दौरान सराफा कारोबारी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इन टुकड़ों पर कोई पहचान चिन्ह या रिफाइनरी मार्क नहीं था। सभी टुकड़ों का अलग-अलग वजन कर जब्त किया गया।
इसलिए बढ़ा डीआरआई का संदेह
डीआरआई अधिकारियों ने दुकान संचालक अरुण कुमार गोयनका से बरामद विदेशी सोने के आयात से जुड़े बिल, सीमा शुल्क भुगतान के दस्तावेज और अन्य वैध अभिलेख मांगे। लेकिन मौके पर ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच एजेंसी का कहना है कि विदेशी मूल के सोने के संबंध में दस्तावेज नहीं मिलने से यह संदेह और गहरा हो गया कि सोना अवैध तरीके से भारत लाया गया हो सकता है। इसी आधार पर सीमा शुल्क अधिनियम की धारा-111 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए पूरी सामग्री को धारा-110 के तहत जब्त कर लिया गया।
तस्करी के रूट की तलाश
अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि विदेशी सोना कटनी तक किस रास्ते पहुंचा। क्या यह केवल दो आरोपियों तक सीमित मामला है या इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। क्या सराफा बाजार के माध्यम से विदेशी सोने को स्थानीय बाजार में खपाया जा रहा था, डीआरआई इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने जब्त सामग्री, आरोपियों के बयान, मोबाइल फोन, लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच शुरू कर दी है। यदि जांच में नए नाम सामने आते हैं तो आगे और लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
