जबलपुर। नगर निगम की भवन शाखा में नक्शा पास कराने पहुंचे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अप्रैल से अब तक करीब 1100 फाइलें आ चुकी हैं जिनमें से 500 से ज्यादा फाइलें पेंडिंग पड़ी हुई हैं। भवन अधिकारी नवीन कुमार लुनारे के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इन मामलों में अप्रैल से 16 जुलाई तक नॉर्मल परमिशन के तहत 2000 स्क्वायर फीट से अधिक क्षेत्रफल वाली 742 फाइलें लगाई गईं जिनमें से केवल 224 फाइलें ही पास हो सकीं और 517 आवेदक लगातार चक्कर काट रहे हैं। इसके अलावा डीम्ड परमिशन के तहत आए 336 नक्शों में से भी 71 नक्शे अभी तक अटके हुए हैं जिससे आम नागरिकों का जीवन बेहद कष्टदायक और महंगा हो गया है।
नक्शा पास कराने में नागरिकों की बढ़ती परेशानी
नॉर्मल परमिशन के मामलों में स्थिति यह है कि 742 फाइलों में से एक फाइल को पहले ही खारिज किया जा चुका है जबकि 347 फाइलें इसलिए रोकी गई हैं क्योंकि आवेदकों द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके अलावा 170 फाइलें ऐसी हैं जिनके सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद भी भवन शाखा द्वारा रोक दी गई हैं। डीम्ड परमिशन के मामलों में भी प्रक्रिया धीमी चल रही है जहां 2000 स्क्वायर फीट तक के निर्माण के लिए आए 336 नक्शों में से अधिकांश का निपटारा तो कर दिया गया है लेकिन तय समय सीमा होने के बाद भी 71 नक्शे पास होने का इंतजार कर रहे हैं। इस प्रशासनिक देरी और भ्रष्टाचार के कारण हर साल नगर निगम को भारी राजस्व की क्षति उठानी पड़ती है क्योंकि लोग नक्शा पास कराए बिना ही अवैध निर्माण करा लेते हैं जिससे अंततः नगर निगम को वित्तीय नुकसान झेलना पड़ता है और आम जनता का उत्पीड़न होता है।
अधिकारियों की लापरवाही से रुक रहे सभी काम
इस पूरे मामले पर भवन अधिकारी नवीन कुमार लुनारे का कहना है कि उनके कंसोल में ज्यादा पेंडेंसी नहीं दिखाई दे रही है और यदि अधीनस्थ अधिकारियों के स्तर पर किसी कारणवश मामले पेंडिंग हैं तो उनकी पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि सभी लंबित मामलों का निपटारा जल्द से जल्द कर दिया जाएगा ताकि आम जनता को राहत मिल सके और लोगों को अपना घर बनाने के सपने को पूरा करने में किसी भी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
