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महाकौशल पैथोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन की बैठक में मंथन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लिया संकल्प



जबलपुर। महाकौशल एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स की वार्षिक आम सभा रविवार को आयोजित हुई, जिसमें अध्यक्ष डॉ. राजेश महोबिया, उपाध्यक्ष डॉ. नीता भाटिया, सचिव डॉ. नीरज सचदेवा, कोषाध्यक्ष डॉ. कुलदीप बजाज, सह-सचिव डॉ. दीपाली अदगांवकर तथा कार्यकारिणी सदस्य डॉ. रितु वढेरा और डॉ. मनीष गुप्ता उपस्थित रहे। इस बैठक में डॉ. शिशिर चनपुरिया, डॉ. संजय तोतड़े, डॉ. नीरज सेठी, डॉ. भारत पुनासे, डॉ. भक्ति दुबे, डॉ. अचिंता दे, डॉ. दीपा अग्निहोत्री, डॉ. अंशु होतानी, डॉ. अर्जित सराफ, डॉ. अर्जित ताम्रकार, डॉ. रिंकू बनर्जी, डॉ. दीया बजाज, डॉ. एकता जैन, डॉ. ऋचा नेमा, डॉ. अमिता जैन, डॉ. मोनिका कपूर, डॉ. एकांश राय, डॉ. वी. के. पटेल, डॉ. निधि राय, डॉ. अक्षय तिवारी, डॉ. सलोनी जैन, डॉ. तुषार गुप्ता, डॉ. बी. एस. यादव, डॉ. रजनी खत्री, डॉ. नूपुर गुप्ता, डॉ. पूजा श्रीवास्तव और डॉ. वंदना खन्ना ने भाग लिया। इस वार्षिक सत्र में संस्थागत कामकाज की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों को मजबूत बनाने की रूपरेखा तय की गई।

हाईकोर्ट में सुरक्षित हुआ प्रयोगशाला नियमों का फैसला

​सभा के दौरान पैथोलॉजी केंद्रों के संचालन से जुड़ी विधिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। सदस्यों को बताया गया कि उच्च न्यायालय में जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष इस याचिका पर अंतिम बहस पूरी हो चुकी है और न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। इस याचिका के माध्यम से राज्य भर में प्रयोगशालाओं के संचालन के लिए स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, जिससे संपूर्ण विधिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

अवैध जांच केंद्रों पर लगेगी अब सख्त रोक

​आगामी न्यायिक निर्णय से केवल मान्यता प्राप्त और अधिकृत पैथोलॉजी विशेषज्ञ ही जांच केंद्रों का संचालन कर सकेंगे। बिना अर्हता और अपात्र लोगों द्वारा संचालित की जा रही अमानक प्रयोगशालाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लग सकेगा। इस व्यवस्था से मरीजों को मिलने वाली जांच रिपोर्ट की प्रामाणिकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, जिससे आम जनता को भ्रामक रिपोर्टिंग से मुक्ति मिलेगी और सही उपचार में मदद मिलेगी।

सस्ती दरों पर मिलेंगी आधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाएं

​बैठक में चिकित्सीय नवाचारों और आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। संगठन ने सदस्यों के लिए सतत प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी कार्यशालाओं और वैज्ञानिक संवाद सत्रों के नियमित आयोजन का निर्णय लिया। इसके साथ ही उपस्थित सभी चिकित्सकों ने न्यूनतम खर्च में आम नागरिकों को उच्चतम गुणवत्ता वाली पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आपसी समन्वय को मजबूत बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

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