जबलपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में एक मौलाना द्वारा शिवलिंग को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की धरती पर धर्म के आधार पर किसी को भी अपमानित करने वालों को सरकार बख्शेगी नहीं। अपने जबलपुर प्रवास के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जबलपुर को इंदौर, उज्जैन और भोपाल की तर्ज पर 1 साल के भीतर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की घोषणा की है। इस दौरान उन्होंने जबलपुर में फर्नीचर क्लस्टर, एम्स की तर्ज पर मेडिकल यूनिवर्सिटी कैंपस, संजीवनी विद्यालय, एक बड़ा जू, धोबी घाट के लिए 40 लाख का प्रोजेक्ट, मछली मार्केट, 300 से 350 करोड़ का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 400 से 600 करोड़ के अमृत-2 कार्यों के साथ 11 लाख पौधे लगाने के संकल्प का जिक्र किया।
धर्म का अपमान करने वालों पर होगी कार्रवाई
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धर्म के नाम पर अपमानित करने की हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून अपना काम करेगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह बयान उन्होंने एक पत्रकार के उस सवाल के जवाब में दिया जिसमें इंदौर में एक मौलाना द्वारा शिवलिंग पर की गई अभद्र टिप्पणियों का जिक्र किया गया था। मुख्यमंत्री के इस दोटूक बयान से स्पष्ट संदेश गया है कि राज्य में शांति और सद्भाव बिगाड़ने की छूट किसी को नहीं है।
जबलपुर शहर बनेगा एक साल में मेट्रोपॉलिटन सिटी
मुख्यमंत्री ने जबलपुर के विकास का खाका खींचते हुए कहा कि इंदौर, उज्जैन और भोपाल के बाद अब जबलपुर को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है और आगामी 1 साल के भीतर इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। जबलपुर में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक आधुनिक फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना की जाएगी क्योंकि आसपास इमारती लकड़ी का बड़ा और बेहतरीन बाजार उपलब्ध है। इसके अलावा कुशल कारीगरों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
विकास कार्यों से बदलेगी पूरे क्षेत्र की तस्वीर
श्री यादव ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में जबलपुर को देश का अग्रणी केंद्र बनाने की योजना है। एम्स की तर्ज पर यहां मेडिकल यूनिवर्सिटी के कैंपस के साथ चिकित्सा सुविधाओं का प्रदेश का सबसे आदर्श और देश का पहला मॉडल स्थापित किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संजीवनी विद्यालयों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है और कई विधानसभा क्षेत्रों में इन्हें स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा नागरिकों और पर्यटकों के लिए जबलपुर में एक विशाल जू का निर्माण कार्य भी तय हो चुका है, जिसके टेंडर और भूमि पूजन की प्रक्रिया जल्द ही पूरी होगी। पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम के माध्यम से 11 लाख पौधे लगाकर एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाया गया है। धोबी घाट के व्यवसायियों के लिए 40 लाख का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है जिससे 300 से अधिक लोगों को आधुनिक तकनीक के साथ रोजगार मिलेगा। मछुआरा समुदाय के लिए नया मछली मार्केट बनाया जा रहा है। शहर में सीवेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 300 से 350 करोड़ का प्रोजेक्ट और अमृत-2 योजना के तहत 400 से 600 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण संपन्न हुआ है। रेहड़ी-पटरी वालों को भी ऋण वितरित किए गए हैं ताकि हर वर्ग का आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके।
