इस अवसर पर सीएम श्री यादव ने मियावाकी तकनीक की सराहना की, जो जापान की एक आधुनिक व वैज्ञानिक विधि है। यह पद्धति कम समय में घने व प्राकृतिक जंगल तैयार करने में सक्षम है। डॉ. यादव ने बताया कि सामान्यत: एक एकड़ भूमि में 400 पौधे लगते हैं, जबकि मियावाकी की थ्री-लेयर तकनीक से उसी स्थान पर 8,000 से 12,000 पौधे लगाए जा सकते हैं। यह सघन वन जैव विविधता को बढ़ावा देता है और वन्यजीवों के लिए आदर्श प्राकृतिक आवास बनाता है। सीएम श्री यादव ने पौधारोपण अभियान के साथ ही जल संरक्षण को गति देने के लिए डुमना में कैच द रेन अभियान के तहत एक बोरवेल रिचार्ज संरचना का भी उद्घाटन किया। उन्होंने अल नीनो के प्रभाव और संभावित जल संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बोरवेल रिचार्ज और वाटर पिट का निर्माण वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक है। ये उपाय भू-जल स्तर को सुधारने और भविष्य में पानी की कमी से निपटने में सहायक होंगे।
Tags
jabalpur