khabar abhi tak

जबलपुर: सत्यप्रकाश स्कूल में बवाल, छात्र के जलने पर हंगामा,प्रदर्शन,देखें वीडियो





जबलपुर
। ग्वारीघाट रोड स्थित सत्यप्रकाश स्कूल में 11 अगस्त को आयोजित विज्ञान मेले में भारी लापरवाही सामने आई है। यहां कक्षा 4 के एक छात्र के हाथ में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के खतरनाक ड्राई आइस थमा दी गई जिससे उसका हाथ बुरी तरह झुलस गया। घटना के बाद पीड़ित छात्र की मां मंजू उपाध्याय ने जब स्कूल प्रबंधन से बात कर शिकायत दर्ज करानी चाही तो उन्होंने साफ तौर पर सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संपर्क किया। इसके विरोध में संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर में पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बिना सुरक्षा उपकरणों के कराया खतरनाक विज्ञान प्रयोग

विज्ञान प्रदर्शनी के दौरान नन्हे बच्चों को अलग-अलग रासायनिक क्रियाओं के बारे में जानकारी दी जा रही थी। विज्ञान के नियमों के मुताबिक अत्यधिक ठंडी ठोस कार्बन डाइऑक्साइड यानी ड्राई आइस के इस्तेमाल के समय हाथों में विशेष दस्ताने और पीपीई किट पहनना बेहद जरूरी है। इसका तापमान बहुत कम होता है जो सामान्य त्वचा के लिए घातक है। लेकिन शिक्षकों और आयोजनकर्ताओं ने बच्चों की सुरक्षा को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। इस खतरनाक रसायन को सीधे बच्चे की खुली हथेली पर रख दिया गया। इसके परिणाम स्वरूप बच्चे की त्वचा गंभीर रूप से जल गई और फफोले पड़ गए। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह बहुत अधिक ठंड के संपर्क में आने से होने वाला गहरा घाव है जिसे फ्रॉस्टबाइट भी कहा जाता है। इस भयानक लापरवाही के कारण मासूम बच्चा अब असहनीय दर्द का सामना कर रहा है और उसका नियमित इलाज जारी है। स्कूल की इस भूल ने एक शैक्षिक कार्यक्रम को दर्दनाक हादसे में बदल दिया।

कार्रवाई नहीं होने पर होगा बड़ा आंदोलन

इस पूरे मामले में विद्यालय प्रबंधन का रवैया शुरू से ही बेहद गैर जिम्मेदाराना रहा है। अपनी गलती मानने के बजाय शिकायतकर्ताओं को ही नजरअंदाज किया गया। इससे नाराज होकर छात्र संगठन और अन्य अभिभावकों में काफी गुस्सा है। विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने स्पष्ट कर दिया है कि मासूमों की जान जोखिम में डालने वाले शिक्षकों की जवाबदेही हर हाल में तय होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी है कि इस बड़ी चूक की तुरंत और निष्पक्ष जांच की जाए। अगर संचालक मंडल और संबंधित लापरवाह कर्मचारियों पर कड़े कानूनी कदम नहीं उठाए गए तो पूरे शहर में अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम किया जाएगा। छात्रों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें संस्थान को दी गई मान्यता और वहां मौजूद आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच करने का निवेदन किया गया है ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसी घटना न हो।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak