जबलपुर। संस्कारधानी के श्रेष्ठ मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर को गौरवान्वित किया है। विजयनगर स्थित स्मॉल वंडर स्कूल के होनहार छात्र श्रेष्ठ ने अपने कोच राम किशोर सोनी के कुशल मार्गदर्शन में देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज कॉम्प्लेक्स स्थित हिमाद्री आइस रिंक में आयोजित स्पेशल ओलंपिक भारत की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता है। जुलाई माह में -5 डिग्री के अत्यधिक ठंडे तापमान के बीच आयोजित इस स्पर्धा की अंडर-14 आयु वर्ग श्रेणी में उन्होंने पूरे देश में 2 स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब श्रेष्ठ आगामी दिनों में जर्मनी में आयोजित होने वाली इंटरनेशनल चैंपियनशिप में भारतीय टीम की ओर से देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
रोलर स्केटिंग से सीखीं बर्फ की बारीकियां
जबलपुर जैसे अपेक्षाकृत गर्म वातावरण वाले शहर में बर्फ पर स्केटिंग का अभ्यास करना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। स्थानीय स्तर पर आइस रिंक जैसी कोई भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण खिलाड़ी ने वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया। इसके लिए भवरताल स्थित स्केटिंग कोर्ट और बल्देवबाग सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान को अभ्यास का प्रमुख केंद्र बनाया गया। पिछले 3 से 4 वर्षों के दौरान रोलर स्केटिंग के निरंतर और कठोर अभ्यास के जरिए उन्होंने बर्फ पर संतुलन बनाने की जटिल तकनीकी बारीकियों को पूरी निपुणता से सीखा। सीमित संसाधनों और न्यूनतम अधोसंरचना के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप स्वयं को तैयार किया।
वैश्विक पटल पर भारत का मान बढ़ाएंगे
मध्य प्रदेश स्पेशल ओलंपिक भारत के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. दीपांकर बनर्जी के अनुसार यह सफलता पूरे प्रदेश के खेल जगत के लिए एक अत्यंत गौरवशाली अवसर है। विशेष प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित इस व्यवस्था में ऐसे होनहार खिलाड़ी नई प्रेरणा बनकर उभरते हैं। प्रतिदिन कई घंटों तक चलने वाले कठोर शारीरिक और तकनीकी अभ्यास के बल पर यह मुकाम हासिल हुआ है। विदेशी धरती पर प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी बेहतर खेल रणनीति के साथ देश के लिए शीर्ष पदक जीतने की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है।
