जबलपुर। मप्र के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने अपनी कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता में 50 एमवीए की बढ़ोतरी कर इसे 85,398 एमवीए तक पहुंचा दिया है। यह सफलता सीहोर जिले के 132 केवी गोपालपुर सबस्टेशन में 50 एमवीए क्षमता के दूसरे पावर ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करने से प्राप्त हुई है। इससे गोपालपुर सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 90 एमवीए हो गई है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के अनुसार क्षेत्र में बिजली की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। अब सीहोर जिले के उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के अधिक मजबूत व भरोसेमंद विद्युत पारेषण का सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र के घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी।
लोड प्रबंधन और तकनीकी सुधार होगा आसान
दूसरा पावर ट्रांसफार्मर क्रियाशील होने से ग्रिड का लोड प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक संतुलित हो जाएगा। यदि भविष्य में किसी एक ट्रांसफार्मर में कोई तकनीकी समस्या आती है या उसे मेंटेनेंस के लिए बंद करना पड़ता है, तो भी बिजली की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरा संयंत्र तुरंत पूरे लोड को संभाल लेगा, जिससे उपभोक्ताओं को अघोषित विद्युत कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।
प्रदेशभर में फैला है विशाल पारेषण नेटवर्क
कंपनी इस समय पूरे राज्य में 417 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशनों का संचालन कर रही है। इनमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 तथा 132 केवी के 315 सबस्टेशन शामिल हैं। पूरे नेटवर्क में 1,055 पावर ट्रांसफार्मर सक्रिय हैं, जिनमें 400 केवी के 41, 220 केवी के 220 और 132 केवी स्तर के 794 संयंत्र निरंतर कार्यरत हैं।
