जबलपुर। जबलपुर वासियों के लिए सुगम सफर सुनिश्चित करने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जल्द ही पीएम ई बस सेवा का शुभारंभ करेंगे, जिसकी तैयारियों का जायजा लेने कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने कठौदा स्थित डिपो का मुआयना किया। इस मौके पर नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार और क्षेत्रीय पार्षद मोनिका पुष्पेंद्र सिंह मौजूद रहे। व्यवस्थाओं की समीक्षा में अपर आयुक्त सौरभ मिश्रा, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री नवीन लोनारे, सीईओ सचिन विश्वकर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा सहित सहायक स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र राज एवं अर्जुन यादव भी उपस्थित थे। यह नई पहल शहर के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित तथा पर्यावरण हितैषी बनाकर आमजन को दैनिक यात्रा में बड़ी राहत प्रदान करेगी।
कठौदा डिपो में चार्जिंग सुविधाओं की गहन समीक्षा
डिपो परिसर में विद्युत आपूर्ति, चार्जिंग प्वाइंट और वाहनों के रखरखाव से जुड़े हर तकनीकी पहलू की बारीकी से पड़ताल की गई। निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए सभी शेष कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि संचालन के दौरान किसी प्रकार का तकनीकी व्यवधान न आए। स्टेशन पर विद्युत लोड प्रबंधन, स्वचालित चार्जिंग गन, सुरक्षा उपकरण और आकस्मिक बैकअप प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर लिया गया है। ग्राउंड लेवल पर तैनात इंजीनियरिंग टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित मॉक रन के जरिए वाहनों की तकनीकी दक्षता की लगातार मॉनिटरिंग करते रहें। इसके साथ ही चालक दल और तकनीकी स्टाफ के प्रशिक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रदूषण मुक्ति के साथ सुगम होगा दैनिक आवागमन
पारंपरिक ईंधन पर चलने वाले वाहनों से होने वाले हानिकारक धुएं और ध्वनि प्रदूषण से मुक्त यह बेड़ा शहर की आबोहवा सुधारने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों पर निजी वाहनों की निर्भरता घटेगी, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू और नियंत्रित बनेगी। पूरी तरह वातानुकूलित इन बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हेतु आपातकालीन पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और ऑटोमैटिक डोर सिस्टम जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। आम यात्रियों, विद्यार्थियों और कामकाजी वर्ग के लिए तय न्यूनतम किराए की व्यवस्था से सफर बेहद किफायती रहेगा। यह हरित पहल शहरी कार्बन उत्सर्जन घटाने और स्वच्छ वातावरण निर्मित करने की दिशा में मील का पत्थर बनेगी।

