जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत महिला मंडल द्वारा संचालित बालक मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल में 80वें स्वतंत्रता दिवस का पावन राष्ट्रीय पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस गौरवशाली अवसर पर शाला अध्यक्षा डॉ. श्रीमती अंजना तिवारी ने विधिवत ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी, जिसके उपरांत सामूहिक राष्ट्रगान हुआ। समारोह में महिला मंडल की प्रबंधक श्रीमती वंदना गायकवाड, कोषाध्यक्ष श्रीमती भारती वर्मा, सचिव श्रीमती राजेश्वरी कुशवाहा, कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती ज्योति परवार और श्रीमती संध्या कर्नाड की विशिष्ट उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सुचारु मंच संचालन शिक्षिका श्रीमती मनीषा पंवार ने बखूबी निभाया। इस पावन बेला पर विद्यालय परिसर में समस्त शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों का व्यापक समूह मौजूद रहा, जिन्होंने मिलकर आजादी के इस राष्ट्रीय उत्सव की भव्यता बढ़ाई।
अमर बलिदानियों के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान
समारोह के मुख्य संबोधन में संस्था प्रमुख डॉ. अंजना तिवारी ने आजादी के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र और संप्रभु वातावरण में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं, वह मां भारती के वीर सपूतों के अथक संघर्ष, यातनाओं और सर्वोच्च आत्मोत्सर्ग का ही सुफल है। उनके इस अद्वितीय समर्पण को कभी भुलाया नहीं जा सकता और हर पीढ़ी का कर्तव्य है कि वह इस अमूल्य धरोहर को संजोकर रखे। उन्होंने युवा पीढ़ी को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्र का नवनिर्माण केवल नारों से नहीं, बल्कि मजबूत चरित्र, अटूट अनुशासन, सदाचार और उच्च नैतिक आदर्शों के जरिए ही संभव है। विद्यार्थियों को स्वयं के भीतर देशप्रेम की सच्ची भावना जागृत करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि विकास की डगर पर देश निरंतर अग्रसर रहे।
रंगारंग प्रस्तुतियों से जीवंत हुआ सेनानियों का इतिहास
ध्वजारोहण और उद्बोधन के बाद प्रांगण में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। विद्यार्थियों ने ओजस्वी भाषणों, मनमोहक कविताओं और सुरम्य देशरागों के जरिए समूचे माहौल को देशभक्ति के ज्वार से सराबोर कर दिया। खासतौर पर स्वतंत्रता संग्राम के महान जननायकों और वीरांगनाओं के जीवन पर आधारित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने विभिन्न ऐतिहासिक पात्रों की वेशभूषा धारण कर उनके प्रसंगों को मंच पर इतनी सजीवता से प्रस्तुत किया कि उपस्थित जन समुदाय मंत्रमुग्ध होकर तालियां बजाने पर विवश हो गया। इन भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना, एकता और देश सेवा का गहरा जज्बा जगाने का कार्य किया।

