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बिजली कर्मियों से मारपीट करने वालों को झटका, कोर्ट ने नहीं दी राहत,पहुंचे जेल, देखें वीडियो

 




जबलपुर।
पंजाब बैंक कॉलोनी दमोहनाका में 5 अगस्त को नया बिजली मीटर लगाने गए अधिकारियों के साथ मारपीट करने वाले 4 आरोपियों की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर जेल भेज दिया। आवेदिका रश्मि जैन के परिसर में काम कर रहे अधिकारी गौतम मुखर्जी और परीक्षण सहायक कमलेश सोनी पर हमला हुआ था। मामले में बिल्डर मनीष शर्मा के बेटे के बुलावे पर आए आरोपी अभिषेक विश्वकर्मा उर्फ मिन्ना, सौरभ उर्फ बिट्टू विश्वकर्मा, अशोक उर्फ अक्कू अहिरवार और प्रशांत अहिरवार उर्फ घसीटा को गिरफ्तार किया गया।  कोतवाली पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश करने पर विभागीय अधिवक्ता मोहम्मद शफीक, कनिष्ठ अभियंता गुलाब सिंह, व्यंकट टेम्भरे की मौजूदगी में जमानत का विरोध हुआ। अधीक्षण अभियंता,सिटी संजय अरोरा ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए अपराधियों के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है।

बिल्डर के विवाद में पिसे बिजली कर्मचारी

​नर्मदा परिसर क्षेत्र में बिल्डर मनीष शर्मा द्वारा निर्मित डुप्लेक्स में रहने वाली आवेदिका रश्मि जैन ने पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी में नए विद्युत कनेक्शन के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर लिया था। नियम अनुसार प्रक्रिया संपन्न होने के बाद जब विभाग की टीम 5 अगस्त को मौके पर मीटर लगाने पहुंची, तब वहां स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। बिल्डर मनीष शर्मा और आवेदिका के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत विवाद चल रहा था, जिससे बिजली विभाग का कोई संबंध नहीं था। इसके बावजूद बिल्डर के पुत्र ने विभागीय कर्मचारियों को काम करने से रोका और रंजिश के तहत स्थानीय असामाजिक तत्वों को मौके पर बुला लिया। असामाजिक तत्वों ने वहां पहुंचते ही मीटर लगा रहे कर्मियों, आवेदिका और उनके परिवार के साथ अभद्रता करते हुए अचानक हमला कर दिया।

पुलिस की ततपरता से चारों आरोपी हुए गिरफ्तार

​सरकारी काम में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने के बाद मामला तुरंत कोतवाली थाने पहुंचाया गया। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और त्वरित छानबीन शुरू कर दी। घटना में शामिल फूटाताल निवासी अभिषेक विश्वकर्मा उर्फ मिन्ना, करमेता निवासी सौरभ उर्फ बिट्टू विश्वकर्मा, करमेता निवासी अशोक उर्फ अक्कू अहिरवार और करमेता निवासी प्रशांत अहिरवार उर्फ घसीटा को पुलिस टीम ने दबिश देकर धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी 4 आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता तथा विभाग की ओर से नियुक्त अधिवक्ता मोहम्मद शफीक ने अदालत के सामने घटना के सारे तथ्य और प्रमाण रखे।

जारी रहेगी सख्त कानूनी कार्रवाई:अरोरा

​न्यायालय परिसर में घटना के समय मौजूद कनिष्ठ अभियंता गुलाब सिंह, गौतम मुखर्जी, व्यंकट टेम्भरे और कमलेश सोनी ने भी उपस्थित रहकर आरोपियों की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और कर्मचारियों पर हुए हमले को देखते हुए चारों बदमाशों की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें सीधे जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। इस पूरी कार्रवाई पर अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने पुलिस प्रशासन की त्वरित और कठोर कार्रवाई के लिए विभाग की ओर से आभार जताया। अधीक्षण अभियंता सिटी संजय अरोरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कर्तव्य निभा रहे बिजली कर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। भविष्य में यदि किसी ने भी बिजली अधिकारियों या कर्मचारियों के साथ ऐसी अभद्रता या हिंसा करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढील के सबसे सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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