जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फेरबदल के तहत स्कूल आफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ की डायरेक्टर डॉ. शोभा जावरे के स्थान पर डॉ. राजेश शर्मा को नया प्रभार दिया गया है जबकि डॉ. जावरे को सर्जरी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है और पहले इस पद पर रहीं डॉ. अपरा शाही अब सिर्फ डायरेक्टर क्लीनिक संभालेंगी। कुलगुरु डॉ. मनदीप शर्मा के मुताबिक यह निर्णय कार्यभार को ध्यान में रखकर लिया गया है। इस बीच नरसिंहपुर से रेस्क्यू कर लाई गई मादा तेंदुए के इलाज के दौरान 16 दांत टूटने पर अधिवक्ता डॉ. दीपा कुलश्रेष्ठ ने कुलगुरु व वन अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजकर उपचार प्रक्रिया और संस्थान की वैधानिकता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए पदों पर फेरबदल किया
विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण विभागों में यह फेरबदल व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि नए दायित्व मिलने से कार्यशैली में और अधिक पारदर्शिता आएगी। संस्थान से जुड़े सभी मामलों पर उच्चाधिकारियों की पैनी नजर बनी हुई है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या चिकित्सकीय त्रुटि से बचा जा सके। सभी संबंधित डॉक्टरों ने अपने नए कार्यभार को संभालते हुए काम करना शुरू कर दिया है।
तेंदुए के दांत टूटने पर कानूनी नोटिस मिला
दूसरी तरफ घायल मादा तेंदुए के मामले ने तूल पकड़ लिया है। नरसिंहपुर से बचाकर लाई गई इस वन्यजीव को यहां इलाज के लिए रखा गया था जिसके दौरान उसके 16 दांत टूटने की बात सामने आई है। इस गंभीर घटना के बाद कानूनी विशेषज्ञों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। नोटिस में यह भी मांग की गई है कि तेंदुए को आवश्यकता से अधिक समय तक पिंजरे में क्यों रखा गया और इसकी देखभाल में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जा रहा है।
