मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 4 सप्ताह में मांगा जवाब, 5 अक्टूबर को अगली सुनवाई
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर शहर का नया मास्टर प्लान लागू करने में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकल पीठ ने नगर तथा ग्राम निवेश यानी टीएनसीपी के कमिश्नर कम डायरेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी किया है। अदालत ने अनावेदक अधिकारी को 4 सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की गई है। यह अवमानना याचिका क्रेडाई बिल्डर एसोसिएशन जबलपुर के दीपक अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय के माध्यम से दायर की गई है। याचिका में उल्लेख किया गया कि हाई कोर्ट ने पूर्व में 18 अप्रैल 2026 को टीएनसीपी के कमिश्नर एवं डायरेक्टर को स्पष्ट निर्देश दिया था कि मास्टर प्लान लागू करने के संबंध में याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए अभ्यावेदन पर 2 माह की समय सीमा के भीतर निर्णय लिया जाए। निर्धारित 2 माह की अवधि बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। याचिका में बताया गया कि जबलपुर का पुराना मास्टर प्लान वर्ष 2021 में ही समाप्त हो चुका है। 5 वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद नया मास्टर प्लान लागू नहीं किया जा सका है। नगर निगम सीमा में वर्ष 2014 के दौरान 125 गांवों को शामिल किया गया था, लेकिन उनके लिए कोई मास्टर प्लान नहीं बना। इसके चलते शहर का समग्र विकास प्रभावित हो रहा है और बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स को मंजूरियां नहीं मिल पा रही हैं। टीएनसीपी द्वारा 31 जनवरी 2026 को मास्टर प्लान का ड्राफ्ट पब्लिकेशन के लिए भेजा गया था, लेकिन अब तक उसका प्रकाशन नहीं हुआ।
