नई दिल्ली। रेलवे में स्थायी मार्ग (पी-वे) के विभिन्न आर्टिजन स्टाफ कैडर को एकीकृत कर कॉमन कैडर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। रेलवे बोर्ड और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बैठक में मौजूदा आर्टिजन कैडर को मल्टी-स्किल्ड ट्रैक टेक्नीशियन (एमएसटीटी) के कामन कैडर में विलय करने पर सहमति बनी है।
रेलवे बोर्ड ने पिछले दिनों स्थायी वार्ता तंत्र की बैठक में इस संबंध में बैठक की कार्यवाही का मसौदा ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) को भेजकर उनकी जांच और सुझाव मांगे हैं। रेलवे बोर्ड ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को गठित समिति ने पी-वे के मौजूदा स्थायी आर्टिजन स्टाफ कैडर को एक कामन कैडर में विलय करने की सिफारिश की थी। दक्षिण पूर्व रेलवे में लगभग 12 हजार कर्मचारी पी-वे में कार्यरत हैं।
दो चरणों में होगा कैडर का विलय
बैठक में रेलवे और कर्मचारी पक्ष दोनों ने आर्टिजन कैडर के विलय पर सहमति जताई। तय किया गया कि यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में मौजूदा पी-वे आर्टिजन कैडर को टेक्नीशियन (ट्रैक) के कामन कैडर में शामिल किया जाएगा। इस कैडर के लिए प्रस्तावित ड्यूटी लिस्ट भी तय की गई है। दूसरे चरण में कार्यात्मक जरूरत के अनुसार टेक्नीशियन (ट्रैक) के पदों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। इसके लिए ट्रैक मेंटेनर कैडर के लेवल-दो, चार, पांच व छह के पदों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिवर्तित किया जा सकेगा। इसके बाद ट्रैक मेंटेनर और टेक्नीशियन (ट्रैक) कैडर का पुनर्गठन कर दोनों कैडर में ग्रेडवार पदों का प्रतिशत मौजूदा व्यवस्था के अनुरूप रखने की बात कही गई है।
25 प्रतिशत कैडर की मांग पर होगा विचार
एआईआरएफ ने मांग रखी कि विलय के बाद आर्टिजन कैडर की संयुक्त संख्या ट्रैक मेंटेनर कैडर की कम से कम 25 प्रतिशत होनी चाहिए। साथ ही जोन को कार्यात्मक जरूरत के अनुसार इसमें कुछ लचीलापन देने का सुझाव दिया गया। रेलवे ने इस मुद्दे को कार्यात्मक दृष्टिकोण से जांचने का निर्णय लिया है। एआईआरएफ ने कहा कि ट्रैक मेंटेनर कैडर के रिक्त पदों को तभी स्थानांतरित किया जाए, जब उस कैडर के सभी पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर मिल जाए।
वहीं, दोनों कर्मचारी संगठनों ने मर्ज किए गए आर्टिजन कैडर में ग्रेड-III के लिए एलडीसीई की शैक्षणिक योग्यता को सीधे भर्ती की योग्यता के समान नहीं रखने की मांग की। इसे अन्य टेक्नीशियन कैडर में एलडीसीई के लिए लागू मानदंडों के अनुरूप रखने पर विचार करने का निर्णय लिया गया। नए टेक्नीशियन (ट्रैक) कैडर में रेल वेल्डिंग, रेल कटिंग, रेल ड्रिलिंग, छोटे ट्रैक मशीनों का संचालन, प्वाइंट्स एंड क्रॉसिंग की देखरेख, गार्ड रेल व चेक रेल की फिटिंग, ब्रिज स्लीपर फिटिंग, इंजीनियरिंग इंडिकेटर बोर्ड की स्थापना समेत पी-वे से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्य शामिल होंगे।
