शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि वह स्वयं केमिस्ट्री की शिक्षिका हैं और ड्राई आइस के सीधे संपर्क में आने से होने वाले नुकसान से परिचित हैं। उनका कहना है कि बच्चों से ऐसी गतिविधि कराते समय आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए थे। घटना के बाद बच्चे की उंगलियों में अभी भी अकडऩ बनी हुई है। इसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को भी दी जा चुकी है, लेकिन उनके अनुसार प्रबंधन की ओर से बच्चे की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। महिला का आरोप है कि घटना के संबंध में जब वह स्कूल की वाइस प्रिंसिपल से मिलने पहुंचीं और बच्चे की समस्या बताई तो उन्हें समाधान देने के बजाय कथित रूप से अपमानित किया गया। उनका कहना है कि वह लगातार स्कूल प्रबंधन से बच्चे की सुरक्षा और उपचार को लेकर बात कर रही हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने मामले को लेकर ग्वारीघाट थाने में भी शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने मंगलवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला ने शिकायत में यह भी सवाल उठाया है कि कम उम्र के विद्यार्थियों से ड्राई आइस जैसी सामग्री का प्रयोग कराते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। साथ ही, अभिभावकों को ऐसी गतिविधि के संबंध में पूर्व सूचना दी गई थी या नहीं, इसकी भी जांच की मांग की गई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्कूल प्रबंधन और ग्वारीघाट थाना पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।
जबलपुर। जबलपुर में एसपी आफिस जनसुनवाई में पॉलिपाथर स्थित सत्य प्रकाश पब्लिक स्कूल की एक महिला शिक्षिका अपने बच्चे के साथ हुई घटना की शिकायत लेकर पहुंचीं। महिला का आरोप है कि स्कूल में आयोजित गतिविधि के दौरान बच्चों से ड्राई आइस (सूखी बर्फ) का प्रयोग कराया गया। इस दौरान उनके बच्चे ने ड्राई आइस को हाथ से पकड़ लिया, जिससे उसके हाथ की उंगलियां झुलस गईं।
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