जबलपुर। पाटन चौराहा पर आज उस वक्त जाम के हालात निर्मित हो गए, जब ग्रामीणों ने अपने अपने वाहनों को खड़ा कर प्रदर्शन शुरु कर दिया। ग्रामीणों ने यह चकाजाम शहपुरा पुल टूटने के बाद पाटन मार्ग पर बढ़े भारी वाहनों के दबाव और लगातार हो रहे सड़क हादसों के विरोध में किया है। चकाजाम प्रदर्शन की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाइश देते हुए शांत कराने की कोशिश की। जाम के कारण जबलपुर-दमोह मार्ग सहित अन्य रास्ते भी बंद हो गए थे। दोनों ओर वाहनों की लम्बी लाइन लगी रही।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि करीब छह महीने पहले जबलपुर-भोपाल मार्ग पर शहपुरा का पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों का ट्रैफिक पाटन होकर डायवर्ट कर दिया गया। इसके बाद से इस मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। पिछले छह महीनों में 40 से अधिक लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में जा चुकी है। करोड़ों रुपए की लागत से बना शहपुरा फ्लाईओवर कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण भोपाल से जबलपुर आने-जाने वाले भारी वाहन अब पाटन कस्बे से गुजर रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजाना जाम, धूल और दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना था कि जबलपुर-पाटन फोरलेन परियोजना स्वीकृत हो चुकी है। फिर भी निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं किया गया। इस संबंध में कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि तब तक मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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