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जबलपुर: रादुविवि में आउट ऑफ सिलेबस पेपर पर बवाल, छात्रों ने मांगा जनरल प्रमोशन

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में  शनिवार को आयोजित बीकॉम 1st ईयर की परीक्षा में प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई। यहां परीक्षार्थियों को निर्धारित विषय बिजनेस इकोनॉमिक्स के बदले बिजनेस इकोनॉमिक्स ऑब्जर्वेशनल बिहेवियर का अपरिचित प्रश्न पत्र बांट दिया गया। छात्रा भूमिका शुक्ला सहित अन्य विद्यार्थियों ने पूरे शैक्षणिक सत्र के पाठ्यक्रम से एक भी सवाल न मिलने पर परीक्षा हाल में कड़ा विरोध दर्ज कराया। मौके पर उचित समाधान न निकलने पर सभी छात्र कक्ष छोड़कर बाहर आ गए और सोमवार को प्रशासनिक भवन पर उग्र प्रदर्शन करते हुए जनरल प्रमोशन देने की मांग रखी। पीड़ित छात्र दल ने कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल को पत्र दिया, जिस पर उन्होंने परीक्षा नियंत्रक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और किसी को भी फेल न करने का आश्वासन दिया।

पुनर्परीक्षा के दबाव और धमकी से भड़का आक्रोश

​परीक्षा कक्ष के भीतर आउट ऑफ सिलेबस पर्चा सामने आते ही विद्यार्थियों ने तत्काल विभागाध्यक्ष को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। प्रशासनिक स्तर से तुरंत संशोधित प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के बजाय केवल मौखिक दिलासा दिया गया, जिससे नाराज होकर छात्र बहिष्कार करने पर विवश हो गए। इसके उपरांत विभाग ने सभी प्रभावित परीक्षार्थियों पर दोबारा परीक्षा में शामिल होने की शर्त थोप दी। स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि विद्यार्थी इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगे तो उन्हें अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया जाएगा। छात्रों का पक्ष लेकर प्रबंधन की गलती की ओर ध्यान खींचने वाले अतिथि शिक्षक पर भी दबाव बनाते हुए उन्हें सेवा से पृथक करने की चेतावनी दी गई। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रशासन अपनी व्यवस्थागत खामी का बोझ जबरन उनके ऊपर डाल रहा है।

गोपनीय शाखा की लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

​छात्र प्रतिनिधियों ने विवि प्रशासन के समक्ष मजबूती से पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि जिस पाठ्यक्रम का अध्यापन पूरे वर्ष कराया ही नहीं गया, उसके आधार पर किसी भी छात्र की योग्यता का आकलन करना नियम विरुद्ध है। कुलसचिव ने मामले की संवेदनशीलता को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष विद्यार्थी का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा। विवि प्रशासन अब प्रश्न पत्र तैयार करने, उसकी मॉडरेशन व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय पैकेट पहुंचाने वाली पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रहा है। प्रश्न पत्र वितरण में किस स्तर पर मानवीय या तकनीकी चूक हुई, उसकी जवाबदेही तय की जा रही है। जांच रिपोर्ट आते ही जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।

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