पनागर थाना क्षेत्र की राधाकृष्ण फैक्ट्री में हुआ भीषण हादसा, संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
जबलपुर। जिले के पनागर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिजना में स्थित राधाकृष्ण फैक्ट्री में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। काम के दौरान बिजली गुल होने और अचानक आने से फिंगर कटर मशीन की चपेट में आने से एक गरीब श्रमिक के दाहिने हाथ की चार अंगुलियां कटकर पूरी तरह अलग हो गईं। इस गंभीर दुर्घटना के बाद जब पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच की, तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि फैक्ट्री के अंदर काम करने वाले श्रमिकों को किसी भी तरह के सुरक्षा उपकरण जैसे दस्ताने और जूते नहीं दिए गए थे। लापरवाही का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। घटना के संबंध में पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बिजना के ही रहने वाले 40 वर्षीय मनोज कुमार बर्मन राधाकृष्ण फैक्ट्री में बतौर श्रमिक मजदूरी का काम करते थे। रोजाना की तरह 20 जुलाई को भी मनोज फैक्ट्री के अंदर अपनी नियमित ड्यूटी निभा रहे थे और भारी मशीनों के बीच काम कर रहे थे। उसी दौरान अचानक फैक्ट्री की मुख्य बिजली आपूर्ति गुल हो गई, जिसकी वजह से पूरे कार्यक्षेत्र में घना अंधेरा छा गया। बिजली बंद होने के कारण मशीनें कुछ देर के लिए पूरी तरह शांत हो गईं। श्रमिक मनोज कुमार अंधेरे में ही अपनी जगह पर मौजूद थे।
चीख सुनकर दूसरे कर्मचारी पहुंचे
कुछ ही पलों के बाद अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली पुनः चालू हो गई और मशीनें तीव्र गति से चलने लगीं। बिजली आने के बाद हड़बड़ाहट और अंधेरे के माहौल में मनोज कुमार बर्मन का दाहिना हाथ अचानक पास में ही चल रही खतरनाक फिंगर कटर मशीन के अंदर जा फंसा। मशीन की तेज धारदार ब्लेड की चपेट में आने से मनोज के दाहिने हाथ का पूरा पंजा मशीन में खिंच गया, जिससे उनके दाहिने हाथ की 4 अंगुलियां कटकर तुरंत अलग हो गईं। इस भयावह हादसे के बाद कारखाने में अफरा-तफरी मच गई और श्रमिक की दर्दनाक चीख-पुकार गूंज उठी। चीख की आवाज सुनकर फैक्ट्री के दूसरे हिस्सों में काम कर रहे अन्य श्रमिक तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और किसी तरह मशीन को बंद कर मनोज कुमार को गंभीर हालत में बाहर निकाला। इसके बाद तुरंत उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका उपचार शुरू किया। हादसे की सूचना मिलते ही पनागर थाने की पुलिस हरकत में आई और तुरंत फैक्ट्री पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तथा वहां काम करने वाले अन्य मजदूरों के बयान दर्ज किए। पुलिस जांच में यह साफ तौर पर सामने आया कि फैक्ट्री के भीतर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। फैक्ट्री संचालक कमल बाधवानी द्वारा श्रमिकों को काम के दौरान पहनने के लिए आवश्यक सुरक्षा सामग्री जैसे विशेष दस्ताने, जूते और अन्य गियर उपलब्ध नहीं कराए गए थे। यदि श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण दिए गए होते, तो यह बड़ा हादसा टाला जा सकता था। इसी गंभीर लापरवाही को आधार बनाते हुए पनागर पुलिस ने शुक्रवार की रात फैक्ट्री संचालक कमल बाधवानी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और आगे की तहकीकात की जा रही है।
