जबलपुर। शहर में सावन के अंतिम सोमवार पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पारंपरिक धार्मिक यात्राएं निकाली जा रही थीं। इसी दौरान मिलौनीगंज क्षेत्र में आश्रम खेराई मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते को लेकर आयोजकों के बीच रूट संबंधी भ्रम उत्पन्न हो गया। सूचना मिलते ही सीएसपी अखिलेश गौर के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने यात्रा निकाल रहे लोगों से सीधी बातचीत की और स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। प्रशासनिक समझाइश के बाद सभी जत्थे अपने तयशुदा पारंपरिक मार्ग से आगे बढ़ गए, जिससे शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी रही।
रूट को लेकर बना असमंजस बातचीत से सुलझा
शहर भर में पर्व के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। मिलौनीगंज के पास जब कुछ दल तय रास्ते से अलग आश्रम खेराई मंदिर की दिशा में बढ़ने लगे, तब मार्ग को लेकर तात्कालिक संशय की स्थिति बनी। मौके पर तैनात सुरक्षा बलों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और यात्रा प्रतिनिधियों को पूर्व निर्धारित व्यवस्था की जानकारी दी। आपसी तालमेल और समझाइश के चलते कुछ ही मिनटों में स्थिति सामान्य हो गई और सभी जत्थे बिना किसी व्यवधान के आगे बढ़े।
सड़कों पर राजस्व और पुलिस बल मुस्तैद रहा
प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विवाद नहीं हुआ। सीएसपी अखिलेश गौड़ ने जानकारी दी कि सभी श्रद्धालु निर्धारित रूट पर ही आगे बढ़े। संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए राजस्व अधिकारियों के साथ पुलिस बल लगातार निगरानी करता रहा। अधिकारियों की तत्परता और आयोजकों के सहयोग से सभी धार्मिक आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए।
