जबलपुर। मप्र परिवहन आयुक्त के कड़े निर्देशों के तहत परिवहन विभाग ने यात्री बसों में अवैध रूप से लगाई गई चकाचौंध पैदा करने वाली अतिरिक्त लाइटों के विरुद्ध विशेष सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। इस संबंध में परिवहन विभाग अधिकारी श्रीमती रिंकू शर्मा ने बताया कि रात्रि में विपरीत दिशा से आ रहे वाहन चालकों की आंखों में तेज चमक पैदा करने वाली फैंसी और अनाधिकृत एलईडी लाइटें जानलेवा सड़क हादसों का प्रमुख कारण बनती हैं। चेकिंग टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाली अनेक यात्री गाड़ियों को रोककर मौके पर ही उनकी गैरकानूनी अतिरिक्त लाइटें उतरवाईं और बस संचालकों के विरुद्ध चालान काटकर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की तथा उन्हें भविष्य हेतु चेतावनी दी।
तेज चमक से रात में बढ़ते हैं गंभीर हादसे
श्री शर्मा के अनुसार, सड़क सुरक्षा के निर्धारित तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर कई वाहन मालिक अपनी गाड़ियों में शक्तिशाली सर्चलाइट और चकाचौंध करने वाले मॉडिफाइड बल्ब लगवा लेते हैं। मोटर वाहन नियमों के अनुसार किसी भी व्यावसायिक वाहन में इस प्रकार के अनाधिकृत बदलाव पूरी तरह वर्जित हैं। रात के अंधेरे में जब ये बसें अत्यधिक तीव्र बीम के साथ सड़कों पर उतरती हैं, तो सामने से गति में आ रहे अन्य दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों की दृश्यता कुछ सेकंड के लिए पूरी तरह शून्य हो जाती है। इस तात्कालिक अंधेपन के कारण चालक सड़क के तीखे मोड़ों, डिवाइडर, गड्ढों या किनारे चल रहे राहगीरों को समय रहते नहीं देख पाते और वाहन बेकाबू होकर भीषण दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
यातायात सुरक्षित बनाने जारी रहेगा अभियान
सड़कों पर आम नागरिकों के जीवन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से अब शहर के बस टर्मिनलों, प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय राजमार्गों और बायपास मार्गों पर निरंतर सघन निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है। आरटीओ का उड़नदस्ता दल विभिन्न मार्गों पर बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक वाहनों के प्रकाश उपकरणों की जांच करेगा। इसके साथ ही वाहन मॉडिफाई करने वाले गैराजों और वर्कशॉप संचालकों को भी यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वे गैरकानूनी लाइटें लगाने से बचें। जो बस संचालक बार-बार निर्देशों की अवहेलना करते पाए जाएंगे, उनके वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र और संचालन परमिट निरस्त करने की कठोर वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी ताकि सड़क अनुशासन बना रहे।
