जबलपुर। जबलपुर में मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को बड़ा संबल देते हुए 43 अनुकंपा संविदा कर्मियों का नियमितीकरण कर दिया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा करते हुए इसे कर्मचारी कल्याण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में अत्यंत सार्थक कदम बताया। उन्होंने सभी नवनियुक्त नियमित कर्मियों को शुभकामनाएं दीं और राज्य के विद्युत विकास को नई ऊंचाई देने के लिए प्रेरित किया। इस व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन धीरेन्द्र सिंह ने जानकारी साझा की कि यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न की गई है, जिससे पीड़ित परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है।
नीतिगत नियमों के तहत मिली स्थाई सेवा
दिवंगत सेवकों के आश्रित परिवारों को संबल देने के उद्देश्य से कंपनी की मूल अनुकंपा नियुक्ति नीति-2018 लागू की गई थी। बाद में प्रशासनिक सुधारों के तहत इसमें संशोधन करते हुए संशोधित नीति-2023 के प्रावधान जोड़े गए। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए विद्युत प्रबंधन ने वर्ष 2026 की अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर नियुक्त कार्मिकों की समकक्ष नियमित पद पर नवीन नियुक्ति योजना तैयार की। इस विशेष योजना की कसौटी पर खरे उतरने वाले प्रत्येक पात्र संविदा कर्मी को स्थाई कैडर में समाहित किया गया है। ऊर्जा विभाग के अनुसार इस पहल से कार्यक्षेत्र में कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे उच्च उत्तरदायित्व के साथ अपने दायित्वों को पूरा करेंगे।
विभिन्न संवर्गों में जारी हुए पदस्थापना आदेश
नियमित किए गए कर्मचारियों को 3 विशिष्ट तकनीकी एवं प्रशासनिक श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें कार्यालय सहायक श्रेणी-3 प्रशिक्षु के पद पर 4 लोगों को स्थाई पदभार मिला है। सबस्टेशन परिचारक प्रशिक्षु के 13 पद स्वीकृत किए गए हैं, जबकि सबसे अधिक लाइन परिचारक प्रशिक्षु के 26 कर्मियों को पक्की सेवा में शामिल किया गया है। सामाजिक संतुलन और आरक्षण मानकों के तहत इन 43 नियुक्तियों में सामान्य वर्ग के 10, अन्य पिछड़ा वर्ग के 20, अनुसूचित जाति वर्ग के 12 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1 अभ्यर्थी को लाभ प्राप्त हुआ है। आदेश जारी होते ही सभी कर्मियों ने अपनी नई जिम्मेदारियां संभाल ली हैं।
