प्रयागराज. एनसीआर के जसरा और मदरहा रेलवे स्टेशनों के बीच चार रेल सिग्नलों को काले प्लास्टिक और कपड़े से ढककर ट्रेन संचालन बाधित करने के मामले में आरपीएफ ने तीन युवकों (सपेरों) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ में तीनों ने कुछ दिन पहले सिग्नल का केबल काटने की घटना में भी शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के पास से केबल भी बरामद हुआ है। आरपीएफ ने तीनों को मंगलवार को जेल भेज दिया। पुलिस अब उनके आपराधिक इतिहास और रेलवे से जुड़ी अन्य घटनाओं में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
ये है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि रविवार देर रात प्रयागराज-जबलपुर रेलमार्ग के जसरा और मदरहा रेलवे स्टेशनों के बीच चार सिग्नलों को काले प्लास्टिक और कपड़े से ढक दिया गया था। सिग्नल दिखाई नहीं देने पर बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस और बनारस-हुब्बल्लि एक्सप्रेस के लोको पायलट ने सतर्कता बरती और ट्रेन को वहां रोकने के बजाय सीधे मदरहा स्टेशन पहुंचाया। उन्होंने रेलकर्मियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद आरपीएफ ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
घटनास्थल से मिले सुराग और मुखबिर की सूचना के आधार पर नैनी आरपीएफ इंस्पेक्टर चंदभूषण प्रसाद की टीम ने शंकरगढ़ पॉवर प्लांट के पास से रायबरेली के राजन तथा बारा के जज्जी का पुरवा निवासी संगीत नाथ और माहिल नाथ को गिरफ्तार कर लिया। आरपीएफ के अनुसार, पूछताछ में तीनों ने रविवार रात सिग्नल बाधित करने के पीछे ट्रेन रोकने के बाद यात्रियों को लूटने की योजना होने की बात बताई है।
इनका कहना है
घटनास्थल से कुछ सुराग मिले थे। उसी आधार पर आरपीएफ की टीमें लगाई गई थीं। मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरपीएफ, जीआरपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उनके आपराधिक इतिहास और रेलवे से जुड़ी अन्य घटनाओं में भूमिका की जांच कर रही हैं।
दीपक कुमार आजाद, सीनियर डीएससी, प्रयागराज.
