मौसम विशेषज्ञों की माने तो झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब ने पूर्वी मध्य प्रदेश को वर्षा का मुख्य केंद्र बनाया है। इसके चलते आज विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट है, जबकि 20 से 24 अगस्त के दौरान वर्षा गतिविधि के धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी प्रदेश की ओर विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। यदि तेज बारिश का दौर चला तो अब तक की सामान्य बारिश का कोटा फुल हो सकता है। प्रदेश में अभी भी 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
इन जिलों में तेज बारिश की संभावना-
बताया जा रहा है टीकमगढ़, पन्ना व नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं जबलपुर, रायसेन, सागर, दमोह, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होगी।
प्रदेश में अब तक 22.6 इंच बारिश हुई-
प्रदेश में अब तक 573.1 मिमी यानी, 22.6 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 25.6 इंच (651.4 मिमी) की तुलना में 3 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 12 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 16 प्रतिशत व पश्चिमी हिस्से में औसत से 9त्न बारिश कम हुई है।
जबलपुर सहित 40 जिलों में 4 प्रतिशत से 58 प्रतिशत कम बारिश-
प्रदेश के पूर्वी हिस्से जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़ में 4 प्रतिशत से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 5प्रतिशत से 39 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
15 जिलों में ज्यादा बारिश-
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़, गुना में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।