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विंध्य क्षेत्र में 109.02 करोड़ की विद्युत परियोजना से सुधरेगा 5 जिलों का जल संकट,ट्रांसको एमडी ने किया दौरा




मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान: नल-जल योजनाओं को मिलेगी फुल पावर, एमपी ट्रांसको एमडी ने परखा झिन्ना का निर्माण

जबलपुर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने मैहर जिले के झिन्ना में 109.02 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 132 केवी एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशन एवं 132 केवी कोटर-झिन्ना ट्रांसमिशन लाइन का स्थलीय निरीक्षण किया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार हो रही इस विद्युत संरचना से विंध्य क्षेत्र के सतना, मैहर, रीवा, सीधी और मऊगंज जिलों की ग्रामीण नल-जल योजनाओं को मजबूत आधार मिलेगा। इस दौरान मुख्य अभियंता एम.के. सिंघल, मुख्य अभियंता एस.के. दुबे, आईटी एवं ईआरपी सेल प्रमुख डॉ. हिमांशु श्रीवास्तव और कार्यपालन अभियंता सौरभ तिवारी सहित अनेक वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे। प्रबंध संचालक ने दोनों निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता मानकों का परीक्षण किया।

विंध्य में नल-जल योजनाओं को मिलेगी शक्ति

​निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक श्री तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह निर्माण कार्य केवल बिजली के तारों और ग्रिड तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अंचल के लाखों नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़ा बड़ा कल्याणकारी कदम है। गांवों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए पंपिंग स्टेशनों को चौबीसों घंटे निर्बाध और स्थिर वोल्टेज वाली बिजली की जरूरत होती है। सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का ढांचा पूरा होने के बाद पांचों जिलों के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का संचालन बिना किसी तकनीकी रुकावट के संभव हो सकेगा। इसके लिए कार्य की तकनीकी रूपरेखा का बारीकी से विश्लेषण कर निर्माण की सर्वोच्च गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक तालमेल से दूर होंगी सभी बाधाएं

​ट्रांसमिशन लाइन के विस्तार में आ रही राइट ऑफ वे यानी जमीन संबंधी दिक्कतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को त्वरित समाधान निकालने को कहा गया है। विंध्य की कठिन भौगोलिक बनावट और रास्तों की चुनौतियों के बीच काम को रफ्तार देने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की रणनीति तय की गई है। जमीनी अड़चनों को समय रहते दूर करके ही प्रोजेक्ट को तय लक्ष्य के भीतर पूरा किया जा सकता है। निर्माण स्थल पर मौजूद टीम को हिदायत दी गई है कि आपसी सामंजस्य से काम करते हुए समयसीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।

डिपॉजिट मॉडल से पूरा होगा निर्माण कार्य

​इस पूरी परियोजना का ढांचा डिपॉजिट वर्क मॉडल पर आधारित रखा गया है। इसके तहत समूची वित्तीय व्यवस्था जल जीवन मिशन द्वारा संभाली जा रही है, जबकि टेंडर प्रक्रिया, मैदानी निर्माण और भविष्य में सबस्टेशन व लाइनों के संचालन तथा संधारण का संपूर्ण जिम्मा एमपी ट्रांसको निभाएगा। दोनों संस्थाओं के इस संयुक्त प्रयास से दुर्गम इलाकों में भी काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है, ताकि क्षेत्रवासियों को शुद्ध पेयजल का स्थायी लाभ जल्द मिलने लगे।

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