भोपाल। एमपी में महिला हो या पुरुष, किसी भी व्यक्ति के गुम होने पर अब थाने में सिर्फ गुम इंसान कायमी करना पर्याप्त नहीं होगा। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत FIR दर्ज करना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रदेश में हर साल दर्ज होने वाले करीब 60 हजार गुमशुदगी के मामले भी FIR में बदल जाएंगे। इससे पुलिस की विवेचना के साथ अपराध रिकॉर्ड पर भी असर पड़ेगा। वर्ष 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने 'बचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत सरकार मामले में गुमशुदा नाबालिगों के मामलों में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। अब 'जी. गणेश बनाम तमिलनाडु राज्यÓ मामले में कोर्ट ने यह व्यवस्था सभी गुमशुदा व्यक्तियों, यानी महिला और पुरुष, पर भी लागू कर दी है। इसी पालन में PHQ की महिला सुरक्षा शाखा ने कार्ययोजना तैयार की है। दूसरे राज्यों की पुलिस से चर्चा के बाद इसे लागू किया गया है। चार सप्ताह के भीतर इसकी कंप्लायंस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी।
Tags
madhya pradesh